March 6, 2026

भूमिका को समझना होगा; वीर सैनिकों की तरह, उन्हें भी कठिन परिस्थितियों के लिए तैयार रहना होगा 

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भूमिका को समझना होगा; वीर सैनिकों की तरह, उन्हें भी कठिन परिस्थितियों के लिए तैयार रहना होगा
मसूरी l
Devendra Uniyal
शनिवार को सुबह रक्षा मंत्र राजनाथ सिंह लाल बहादुर शास्त्री और सरदार भाई पटेल की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की साथ ही अकादमी के मुख्य द्वार पर
ओडीओपी गैलरी का उद्घाटन किया l वही अकादमी के कालिंदी सभागार में  प्रशिक्षु आईएएस आईएफएस अधिकारियों को संबोधित कियाl
इसके साथ ही केंद्रीय मंत्री 100 वे फाउंडेशन कोर्स के हिमालय दर्शन दौरे पर रिपोर्ट का विमोचन वह अधिकारियों को सम्मानित किया l
रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने मसूरी लबसना में 100वें फाउंडेशन कोर्स के समापन समारोह में हिस्सा लियाl
रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने मसूरी लाल बहादुर शास्त्री नेशनल एकेडमी ऑफ़ एडमिनिस्ट्रेशन में वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट शॉप का उद्घाटन किया।
 शनिवार को लबसना में 100वें फाउंडेशन कोर्स के समापन समारोह में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि हाल ही में ऑपरेशन सिंदूर हुआ। हमारी सेना ने पाकिस्तान में मौजूद आतंकवादी कैंपों को तबाह कर दिया। हालांकि हमने बहुत संतुलित जवाब दिया था, हमारा जवाब आक्रामक नहीं था, लेकिन पाकिस्तान के रवैये ने ऑपरेशन सिंदूर के बाद बॉर्डर पर हालात को सामान्य नहीं रहने दिया।
इस दौरान, जिस तरह से पूरे देश में मॉक ड्रिल की गईं, और हमारे प्रशासनिक अधिकारियों ने मॉक ड्रिल के बारे में लोगों को सफलतापूर्वक समझाया और उन तक पहुंचाया, यह आप सभी के सरकारी सेवक होने का एक शानदार उदाहरण है। आप सभी को भविष्य में आने वाली ऐसी किसी भी स्थिति के लिए खुद को मानसिक रूप से तैयार भी रखना चाहिए।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने युवा नागरिक सेवकों से राष्ट्रीय हितों की रक्षा में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका को समझने और वीर सैनिकों की तरह ही ऐसी कठिन परिस्थितियों के लिए सदैव तैयार रहने का आह्वान किया। रक्षामंत्री ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर नागरिक-सैन्य समन्वय का एक उत्कृष्ट उदाहरण है, जहां प्रशासनिक मशीनरी ने सशस्त्र बलों के साथ मिलकर महत्वपूर्ण सूचनाओं का संचार किया और जनता का विश्वास जीता। रक्षा मंत्री ने 29 नवंबर, 2025 को उत्तराखंड के मसूरी स्थित लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (एलबीएसएनएए) में 100वें कॉमन फाउंडेशन कोर्स के समापन समारोह को संबोधित करते हुए यह विचार व्यक्त किए।
रक्षा मंत्री ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान, सशस्त्र बलों ने संतुलित और बिना किसी उकसावे के जवाबी कार्रवाई करते हुए पाकिस्तान और पीओके में आतंकी शिविरों को नष्ट कर दिया, लेकिन पड़ोसी देश के दुर्व्यवहार के कारण ही सीमा पर स्थिति सामान्य नहीं हो पाई। उन्होंने सैनिकों की वीरता की सराहना की और प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा किए गए कार्यों की भी सराहना करते हए कहा कि उन्होंने महत्वपूर्ण सूचनाओं का संचार किया और देश भर में मॉक ड्रिल का सफल संचालन सुनिश्चित किया। रक्षा मंत्री ने वर्ष 2047 तक देश को विकसित भारत बनाने के लिए शासन और राष्ट्रीय सुरक्षा के बीच बेहतर समन्वय पर बल दिया।
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के ‘न्यूनतम सरकार, अधिकतम शासन’ और ‘सुधार, प्रदर्शन एवं परिवर्तन’ के मंत्र का उल्लेख करते हुए, राजनाथ सिंह ने कहा कि आत्मनिर्भर और विकसित भारत के लक्ष्य को गति देने में नागरिक सेवकों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि जब वर्ष 2014 में हमारी सरकार बनी थी, तब आर्थिक आकार के मामले में भारत 11वें स्थान पर था। पिछले 9-10 वर्षों में, हम चौथे स्थान पर पहुंच गए हैं। यहां तक कि मॉर्गन स्टेनली जैसी अत्यधिक प्रतिष्ठित वित्तीय फर्म भी अब कहती है कि भारत अगले दो-तीन वर्षों में तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन सकता है। आप केवल आदर्शवादी संरक्षक नहीं, बल्कि लोगों के सेवक हैं। आप केवल प्रदाता ही नहीं, बल्कि सशक्तिकरण के सूत्रधार भी हैं। आपका चरित्र भ्रष्ट न हो। आपका आचरण सत्यनिष्ठा से परिपूर्ण होना चाहिए। आपको एक ऐसी संस्कृति बनानी होगी जहां सत्यनिष्ठा न तो कोई गुण हो और न ही अपवाद; बल्कि यह दैनिक जीवन का एक सामान्य हिस्सा हो। उन्होंने अधिकारियों से उत्तरदायी और सार्वजनिक जवाबदेही की भावना के साथ कार्य करने का आग्रह किया।
रक्षा मंत्री ने युवा नागरिक सेवकों से प्रौद्योगिकी-संचालित युग में नवोन्मेषी तरीके से कार्य करने और लोगों की समस्याओं का समाधान खोजने का आह्वान किया। उन्होंने प्रधानमंत्री जन-धन योजना, प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण, आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन और आयकर विभाग की फेसलेस असेसमेंट योजना की सफलता का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रौद्योगिकी आज एक सक्षमकर्ता की भूमिका निभा रही है। रक्षा मंत्रालय की सम्पूर्ण पहल का उल्लेख करते हुए, उन्होंने बताया कि यह एक कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई)-संचालित स्वचालन प्रणाली है जो रक्षा खरीद और भुगतान का पारदर्शी तरीके से विश्लेषण करती है। उन्होंने कहा कि प्रौद्योगिकी एक माध्यम होनी चाहिए, साध्य नहीं। रक्षा मंत्री कहा ने अधिकारियों से कहा कि आपको जन-पहुंच और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए प्रौद्योगिकी का उपयोग करना चाहिए। कल्याण को बढ़ावा देने और समावेशिता बढ़ाने के लिए प्रौद्योगिकी का उपयोग करना चाहिए।
श्री राजनाथ सिंह ने इस बात पर भी बल दिया कि नागरिक सेवकों के रूप में, प्रशिक्षुओं को प्रत्येक नागरिक के साथ सहानुभूति और समझदारी से पेश आना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब अधिकारी समाज के वंचित या कमज़ोर वर्गों के साथ संवाद करते हैं, तो उन्हें यह समझना चाहिए कि लोगों के संघर्ष न केवल उनके प्रयासों से, बल्कि व्यापक सामाजिक और आर्थिक परिस्थितियों से भी प्रभावित होते हैं। यही बात एक प्रशासक को वास्तव में जन-केंद्रित और करुणामय बनाती है।
रक्षा मंत्री ने सिविल सेवाओं में महिलाओं की निरंतर प्रगति को स्वीकार करते हुए कहा कि नवीनतम यूपीएससी परीक्षा में एक महिला ने शीर्ष स्थान प्राप्त किया है और शीर्ष पांच उम्मीदवारों में से तीन महिलाएं थीं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि वर्ष 2047 तक, कई महिलाएं कैबिनेट सचिवों के पदों तक पहुंचेंगी और भारत की विकास यात्रा का नेतृत्व करेंगी।
 राजनाथ सिंह ने फाउंडेशन कोर्स को केवल एक प्रशिक्षण मॉड्यूल नहीं, बल्कि एक कुशल, सक्षम और संवेदनशील शासन प्रणाली के निर्माण की प्रतिबद्धता बताया। उन्होंने एलबीएसएनएए की व्यापक प्रशिक्षण व्यवस्था की सराहना की, जो इसे एक संपूर्ण संस्थान बनाती है और देश की प्रशासनिक क्षमताओं को मज़बूत बनाती है।
पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की विरासत पर विचार व्यक्त करते हुए, रक्षा मंत्री ने कहा कि उनके नाम पर स्थापित अकादमी साहस, सरलता और सत्यनिष्ठा की प्रतीक है। उन्होंने 1965 के युद्ध में शास्त्री जी के नेतृत्व, हरित क्रांति में उनकी भूमिका और “जय जवान, जय किसान” के उनके संदेश को याद किया और अधिकारियों से उनके उदाहरण से प्रेरणा लेने का आग्रह किया। यूपीएससी के 100वें वर्ष के अवसर पर, उन्होंने कहा कि यूपीएससी और एलबीएसएनएए के बीच साझेदारी ने प्रशासकों की कई पीढ़ियों को आकार दिया है और यह भारत के शासन ढांचे को मज़बूत करती रहेगी।
मसूरी के पोलो ग्राउंड में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी पालिका अध्यक्ष मीरा सकलानी में राजनाथ सिंह से मुलाकात की जहां पर पालिका अध्यक्ष मीरा सकलानी ने छावनी परिषद क्षेत्र से एक बायपास रोड के निर्माण को लेकर ज्ञापन दिया जिससे कि छावनी परिषद में लगने वाले जाम से निजात मिल सके वही मसूरी के सर्वे आफ इंडिया की खाली भूमि पर सैनिक स्कूल खोलने की भी मांग की l
इस मौके पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने कहा की रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का उत्तराखंड से पुराना लगाव है और वह उत्तराखंड के विकास को लेकर हमेशा तत्पर रहते हैं l
उन्होंने कहा कि मसूरी को लेकर रक्षा मंत्री को दिए गए ज्ञापन पर उनके द्वारा तत्काल अपने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस संबंध में शीघ्र करवाई की
 जाए।वही पोलो ग्राउंड में उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं से भी मुलाकात कीl
1:30 करीब वह हेलीकॉप्टर से मसूरी से वापस लौट गएl
इस मौके पर पालिका अध्यक्ष मीरा सकलानी .भाजपा मंडल अध्यक्ष रजत अग्रवाल .अरविंद सेमवाल .पूर्व मंडल अध्यक्ष मोहन पेटवाल. रमेश खंडूरी विजय बिंदवाल अमित भट्ट .विजय रमोला. गुड मोहन राणा सहित बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता मौजूद रहे.l
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संपादक: देव उनियाल

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