मसूरी में नहीं रुक रहे अवैध निर्माण. सीलिंग किए गए भवनों पर किया जा रहा निर्माण
आवासीय नक्शा पास भवनो पर चल रहे होटल. गेस्ट हाउस. स्थानीय निवासियों ने उठाई जांच की मांग

मसूरीl
Devendra Uniyal
मसूरी में अवैध निर्माण की बाढ़ सी आ गई है! शहर के प्रमुख स्थानों माल रोड, टिहरी बस अड्डे, बीके स्टेट, भंडारी निवास. मसूरी क्लब होटल के समीप. साहूजन स्टेट, कैमल बैक रोड, बालोगंज झड़ी पानी, हाथी पांव. एलन स्कूल जाने वाले मार्ग के साथ ही शहर के अन्य हिस्सों में अवैध निर्माण किए जा रहे हैं, लेकिन एमडीडीए इनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है।
एमडीडीए द्वारा आवासीय नक्शे पास किया जा रहे हैं लेकिन भवन बनने के बाद होटल वह गेस्ट हाउस संचालित किया जा रहे हैं अधिकांश आवासीय भवन बाहर वालों के हैं जीनमें होटल. गेस्ट हाउस संचालित किया जा रहे हैं साथ ही कई भवन ऐसे हैं जिन पर पूर्व में सीलिंग की कार्रवाई की गई थी लेकिन उनमें भी निर्माण कार्य चल रहा है बिना सीलिंग खुले. जिनकी स्थानीय निवासी जांच की मांग कर रहे हैंl
स्थानीय निवासी श्याम सिंह रतन मनी ने बताया कि एमडीडीए गरीब आदमी के एक कमरे के निर्माण पर कड़ी कार्रवाई करता है, लेकिन बड़े-बड़े बहुमंजिला निर्माण कार्यों पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। उन्होंने कहा कि विभाग दोहरी नीति के तहत कार्य कर रहा है, जिसका कड़ा विरोध किया जाएगा और जो भवन एमडीडीए द्वारा पूर्व में सील किए गए थे उनमें किस आधार पर निर्माण कार्य चल रहा हैl
उन्होंने कहा कि एमडीडीए बेवजह स्थानीय लोगों को परेशान कर रही है एक कमरा भी बना रहे हैं तो कार्रवाई की जा रही है स्थानीय निवासियों को एक कमरे बनाने की भी अनुमति नहीं है जबकि शहर में बड़े-बड़े होटल बन रहे हैं तो उनके खिलाफ कोई भी कार्रवाई नहीं की जा रही है कहा कि इसके खिलाफ जल्द ही धरना प्रदर्शन किया जाएगा और जल्द ही जिला अधिकारी वह एमडीडीए के वीसी से मुलाकात की जाएगी और मसूरी में धडेले से हो रहे निर्माण कार्यों के बारे में जानकारी दी जाएगीl
उन्होंने कहा कि हरे भरे जंगलों को काटकर बिल्डिंग बनाई जा रही हैं, जिससे यहां का पर्यावरण भी नष्ट हो रहा है।
कहा की एमडीडीए केवल चालान करने तक सीमित रह गया है बड़े-बड़े निर्माण कार्य चालान व सीलिंग के नोटिस के बाद भी लगातार जारी हैंl विभाग केवल खाना पूर्ति के लिए ही सीलिंग व सीलिंग व कारण बताओ नोटिस की कार्यवाही कर रहा है जिसकी जांच की जानी चाहिए और बड़े-बड़े निर्माण कार्यों को ध्वस्त किया जाना चाहिए अन्यथा स्थानीय निवासियों को आंदोलन करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा