February 14, 2026

प्रशासन .संबंधित विभाग पहले से कार्रवाई करते तो एनएच बंद नहीं होता.  प्लिथ पर भी सवाल उठाये9

0
प्रशासन .संबंधित विभाग पहले से कार्रवाई करते तो एनएच बंद नहीं होता.

 प्लिथ पर भी सवाल उठाये
मसूरी।
Devendra Uniyal
सामाजिक कार्यकर्ता व देवभूमि जन कल्याण विकास एकता समितिके केंद्रीय अध्यक्ष प्रकाश राणा ने कैंपटी स्टैण्ड पर एनएच का पुश्ता गिरने पर कहा कि जब वहां पहले कई दिन से कार्य चल रहा था व जेसीबी लगी थी तब प्रशासन की आंख खुल रही है, अगर पहले ही कार्रवाई की जाती तो सड़क न जाती। उन्होंने कहा कि सरकार को ऐसे प्रकरण में संज्ञान लेकर कार्य करना चाहिए व ऐसे लोगों के खिलाफ कड़ी दण्डात्मक कार्रवाई होनी चाहिए।
उन्होंने एनएच की घटना पर संबंधित विभागों की कार्य प्रणाली पर भी सवाल उठाये व कहा कि जब खुले आम कार्य हो रहा था तो पहले क्यों नहीं रोका गया जब शिकायत होगी तभी कार्रवाई होगी यह ठीक नहीं है, उन्होंने कहा कि मसूरी में एमडीडीए का कार्यालय भी अवैध है, जब वह अवैध बिना नक्शा पास कराये बैठे है तो वह चाहते है कि पूरी मसूरी में अवैध कार्य हो, अगर उन्हें मसूरी की पीड़ा होती तो पहले ही देखना चाहिए था। उसकी जांच कर कार्य रोक देना चाहिए था। जब रोड टूटी उसके बाद एसडीएम की आंखे खुली। वह केवल सरकार के प्रवक्ता बन कर कार्य कर रहे हैं, मालरोड पर ही एसडीएम कार्यालय के समीप खुले आम कार्य चल रहा है कहीं ऐसा न हो कि उसके उपर का होटल भी नीचे न आ जाय। यहां तैनात अधिकारियों की संपत्तियों की जांच भी होनी चाहिए। उन्होंने पालिका पर भी सवाल खडे किये व कहा कि पालिका में भी फर्जी प्लिथ प्रमाण पत्र जारी कर रहे हैं, यह घोर अपराध है। पालिका प्लिंथ का अडडा बन गया, जहां निर्माण करना है पालिका से प्रमाण पत्र ले लो। फर्जी प्लिंथों की भी जांच होनी चाहिए कि जिन्हें वह प्लिथ दे रहे है पहले वहां निर्माण था कि नहीं इसके लिए पुरानी रजिस्ट्री का अवलोकन करना चाहिए। मिली भगत के बिना यहां पर निर्माण होना ही नहीं सकता यहां पहले कुछ नहीं था, ऐसे में पालिका के प्लिथ जारी करने की भी जाचं होनी चाहिए व दण्डात्मक कार्रवाई होनी चाहिए। इसमें जो भी सभासद या अन्य लिप्त हो जांच होनी चाहिए। जिस प्रकार से मसूरी खनन आ अडडा बन गया इससे पूरी मसूरी की माल रोड समाप्त हो जायेगी व मसूरी बर्बाद हो जायेगी।
+ posts

संपादक: देव उनियाल

एक गोल्फ कार्ट पर दो लोगों को समायोजित करने का श्रमिक कर रह विरोध मसूरी। Devendra Uniyal मसूरी में साइकिल रिक्शा समाप्त कर दो श्रमिकों को एक गोल्फ कार्ट लेने का विरोध शुरू हो गया है। श्रमिको का कहना है कि ऐसा करने से आपसी टकराव बढेगा। वहीं जिनकों पहले गोल्फकार्ट दी गयी उन्होंने कहा कि जब कोई तैयार नहीं था तब उन्होंने शासन की इस स्कीम को विरोध के बावजूद शुरू किया अब उन्हें कहा जा रहा है कि एक गोल्फकार्ट पर दो लोग शामिल होगें जो न्याय संगत नहीं है। मजदूर संघ के नेता रणजीत सिंह चौहान ने कहा कि एसडीएम ने पालिका में बैठक बुलाई जिसमें साइकिल रिक्शा की बात की। जबकि पहले भी उन्होंने पत्र दिया था कि जब सभी 121 रिक्शा श्रमिक सामने होंगे तभी इस पर निर्णय लिया जाना चाहिए केवल पांच आदमी इस पर निर्णय नहीं लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि जो मजदूर संघ अध्यक्ष संपत लाल है वह पढे लिखे नहीं है उनसे कागजों पर साइन करवाकर जहां मरजी कागज दिया जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि मसूरी में गोल्फ कार्ट चलाने के लिए साढे तीन करोड़ का बजट है यह किसने दिया यह भी बताया जाना चाहिए। वहीं एक गोल्फकार्ट पर दो लोगों का समयोजन संभव नहीं है जब भाई भाई आपस में एक नही रह सकते तो यह संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि अधितर लोग मुआवजा लेकर जाना चाहते है उन्हें उचित मुआवजा दे ताकि वे यहां से चले जाय। उन्हांने कहा कि ग्यारह लोगों की समिति बनायी गयी है। जो आपस में बात करेंगे व उसके बाद शपथ पत्र देंगे व यह पत्र पालिका में दिया जाय। जो बचते है उन्हें चार सीटर गोल्फ कार्ट दें। साइकिल रिक्शा श्रमिक विधवा कुसुम बिष्ट ने कहा कि पालिका कहती है कि वह वेडर जोन पर बैठे, रिक्शा किराये पर दे रखा है उससे पूरा नहीं होता, अगर जबरन रिक्शा हटाया गया तो वह अपनी जीवन लीला समाप्त कर देंगी जिसकी जिम्मेदार पालिका होगी। गोल्फकार्ट श्रमिक मंगल सिंह नेगी ने कहा कि एक गोल्फ कार्ट में दो नहीं हो सकते, हर व्यक्ति को अलग से रोजगार मिलना चाहिए। जब कोई नहीं ले रहा था तब हमने गोल्फ कार्ट ली उस समय यह नहीं कहा गया कि इसमें दो लोग शामिल होगे तब कोई भी इन्हें लेने को तैयार नहीं था। सामाजिक कार्यकर्ता प्रकाश राणा ने कहा कि एक गोल्फ कार्ट में दो का होना संभव नहीं है ऐसा लगता है कि प्रशासन यहां से मजदूरों को हटाना चाहता है वहीं वेडर जोन कहा बनेगा उसमें कौन बैठेगा इसका पता नहीं है,स्थानीय सरकार अपनी विवेक से कार्य करे वरना सभी कार्यो की जांच करवायी जायेगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed

एक गोल्फ कार्ट पर दो लोगों को समायोजित करने का श्रमिक कर रह विरोध मसूरी। Devendra Uniyal मसूरी में साइकिल रिक्शा समाप्त कर दो श्रमिकों को एक गोल्फ कार्ट लेने का विरोध शुरू हो गया है। श्रमिको का कहना है कि ऐसा करने से आपसी टकराव बढेगा। वहीं जिनकों पहले गोल्फकार्ट दी गयी उन्होंने कहा कि जब कोई तैयार नहीं था तब उन्होंने शासन की इस स्कीम को विरोध के बावजूद शुरू किया अब उन्हें कहा जा रहा है कि एक गोल्फकार्ट पर दो लोग शामिल होगें जो न्याय संगत नहीं है। मजदूर संघ के नेता रणजीत सिंह चौहान ने कहा कि एसडीएम ने पालिका में बैठक बुलाई जिसमें साइकिल रिक्शा की बात की। जबकि पहले भी उन्होंने पत्र दिया था कि जब सभी 121 रिक्शा श्रमिक सामने होंगे तभी इस पर निर्णय लिया जाना चाहिए केवल पांच आदमी इस पर निर्णय नहीं लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि जो मजदूर संघ अध्यक्ष संपत लाल है वह पढे लिखे नहीं है उनसे कागजों पर साइन करवाकर जहां मरजी कागज दिया जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि मसूरी में गोल्फ कार्ट चलाने के लिए साढे तीन करोड़ का बजट है यह किसने दिया यह भी बताया जाना चाहिए। वहीं एक गोल्फकार्ट पर दो लोगों का समयोजन संभव नहीं है जब भाई भाई आपस में एक नही रह सकते तो यह संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि अधितर लोग मुआवजा लेकर जाना चाहते है उन्हें उचित मुआवजा दे ताकि वे यहां से चले जाय। उन्हांने कहा कि ग्यारह लोगों की समिति बनायी गयी है। जो आपस में बात करेंगे व उसके बाद शपथ पत्र देंगे व यह पत्र पालिका में दिया जाय। जो बचते है उन्हें चार सीटर गोल्फ कार्ट दें। साइकिल रिक्शा श्रमिक विधवा कुसुम बिष्ट ने कहा कि पालिका कहती है कि वह वेडर जोन पर बैठे, रिक्शा किराये पर दे रखा है उससे पूरा नहीं होता, अगर जबरन रिक्शा हटाया गया तो वह अपनी जीवन लीला समाप्त कर देंगी जिसकी जिम्मेदार पालिका होगी। गोल्फकार्ट श्रमिक मंगल सिंह नेगी ने कहा कि एक गोल्फ कार्ट में दो नहीं हो सकते, हर व्यक्ति को अलग से रोजगार मिलना चाहिए। जब कोई नहीं ले रहा था तब हमने गोल्फ कार्ट ली उस समय यह नहीं कहा गया कि इसमें दो लोग शामिल होगे तब कोई भी इन्हें लेने को तैयार नहीं था। सामाजिक कार्यकर्ता प्रकाश राणा ने कहा कि एक गोल्फ कार्ट में दो का होना संभव नहीं है ऐसा लगता है कि प्रशासन यहां से मजदूरों को हटाना चाहता है वहीं वेडर जोन कहा बनेगा उसमें कौन बैठेगा इसका पता नहीं है,स्थानीय सरकार अपनी विवेक से कार्य करे वरना सभी कार्यो की जांच करवायी जायेगी।