February 14, 2026

एक गोल्फ कार्ट पर दो लोगों को समायोजित करने का श्रमिक कर रह विरोध मसूरी। Devendra Uniyal मसूरी में साइकिल रिक्शा समाप्त कर दो श्रमिकों को एक गोल्फ कार्ट लेने का विरोध शुरू हो गया है। श्रमिको का कहना है कि ऐसा करने से आपसी टकराव बढेगा। वहीं जिनकों पहले गोल्फकार्ट दी गयी उन्होंने कहा कि जब कोई तैयार नहीं था तब उन्होंने शासन की इस स्कीम को विरोध के बावजूद शुरू किया अब उन्हें कहा जा रहा है कि एक गोल्फकार्ट पर दो लोग शामिल होगें जो न्याय संगत नहीं है। मजदूर संघ के नेता रणजीत सिंह चौहान ने कहा कि एसडीएम ने पालिका में बैठक बुलाई जिसमें साइकिल रिक्शा की बात की। जबकि पहले भी उन्होंने पत्र दिया था कि जब सभी 121 रिक्शा श्रमिक सामने होंगे तभी इस पर निर्णय लिया जाना चाहिए केवल पांच आदमी इस पर निर्णय नहीं लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि जो मजदूर संघ अध्यक्ष संपत लाल है वह पढे लिखे नहीं है उनसे कागजों पर साइन करवाकर जहां मरजी कागज दिया जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि मसूरी में गोल्फ कार्ट चलाने के लिए साढे तीन करोड़ का बजट है यह किसने दिया यह भी बताया जाना चाहिए। वहीं एक गोल्फकार्ट पर दो लोगों का समयोजन संभव नहीं है जब भाई भाई आपस में एक नही रह सकते तो यह संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि अधितर लोग मुआवजा लेकर जाना चाहते है उन्हें उचित मुआवजा दे ताकि वे यहां से चले जाय। उन्हांने कहा कि ग्यारह लोगों की समिति बनायी गयी है। जो आपस में बात करेंगे व उसके बाद शपथ पत्र देंगे व यह पत्र पालिका में दिया जाय। जो बचते है उन्हें चार सीटर गोल्फ कार्ट दें। साइकिल रिक्शा श्रमिक विधवा कुसुम बिष्ट ने कहा कि पालिका कहती है कि वह वेडर जोन पर बैठे, रिक्शा किराये पर दे रखा है उससे पूरा नहीं होता, अगर जबरन रिक्शा हटाया गया तो वह अपनी जीवन लीला समाप्त कर देंगी जिसकी जिम्मेदार पालिका होगी। गोल्फकार्ट श्रमिक मंगल सिंह नेगी ने कहा कि एक गोल्फ कार्ट में दो नहीं हो सकते, हर व्यक्ति को अलग से रोजगार मिलना चाहिए। जब कोई नहीं ले रहा था तब हमने गोल्फ कार्ट ली उस समय यह नहीं कहा गया कि इसमें दो लोग शामिल होगे तब कोई भी इन्हें लेने को तैयार नहीं था। सामाजिक कार्यकर्ता प्रकाश राणा ने कहा कि एक गोल्फ कार्ट में दो का होना संभव नहीं है ऐसा लगता है कि प्रशासन यहां से मजदूरों को हटाना चाहता है वहीं वेडर जोन कहा बनेगा उसमें कौन बैठेगा इसका पता नहीं है,स्थानीय सरकार अपनी विवेक से कार्य करे वरना सभी कार्यो की जांच करवायी जायेगी।

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एक गोल्फ कार्ट पर दो लोगों को समायोजित करने का श्रमिक कर रह विरोध
मसूरी।
Devendra Uniyal
मसूरी में साइकिल रिक्शा समाप्त कर दो श्रमिकों को एक गोल्फ कार्ट लेने का विरोध शुरू हो गया है। श्रमिको का कहना है कि ऐसा करने से आपसी टकराव बढेगा। वहीं जिनकों पहले गोल्फकार्ट दी गयी उन्होंने कहा कि जब कोई तैयार नहीं था तब उन्होंने शासन की इस स्कीम को विरोध के बावजूद शुरू किया अब उन्हें कहा जा रहा है कि एक गोल्फकार्ट पर दो लोग शामिल होगें जो न्याय संगत नहीं है।
मजदूर संघ के नेता रणजीत सिंह चौहान ने कहा कि एसडीएम ने पालिका में बैठक बुलाई जिसमें साइकिल रिक्शा की बात की। जबकि पहले भी उन्होंने पत्र दिया था कि जब सभी 121 रिक्शा श्रमिक सामने होंगे तभी इस पर निर्णय लिया जाना चाहिए केवल पांच आदमी इस पर निर्णय नहीं लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि जो मजदूर संघ अध्यक्ष संपत लाल है वह पढे लिखे नहीं है उनसे कागजों पर साइन करवाकर जहां मरजी कागज दिया जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि मसूरी में गोल्फ कार्ट चलाने के लिए साढे तीन करोड़ का बजट है यह किसने दिया यह भी बताया जाना चाहिए। वहीं एक गोल्फकार्ट पर दो लोगों का समयोजन संभव नहीं है जब भाई भाई आपस में एक नही रह सकते तो यह संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि अधितर लोग मुआवजा लेकर जाना चाहते है उन्हें उचित मुआवजा दे ताकि वे यहां से चले जाय। उन्हांने कहा कि ग्यारह लोगों की समिति बनायी गयी है। जो आपस में बात करेंगे व उसके बाद शपथ पत्र देंगे व यह पत्र पालिका में दिया जाय। जो बचते है उन्हें चार सीटर गोल्फ कार्ट दें। साइकिल रिक्शा श्रमिक विधवा कुसुम बिष्ट ने कहा कि पालिका कहती है कि वह वेडर जोन पर बैठे, रिक्शा किराये पर दे रखा है उससे पूरा नहीं होता, अगर जबरन रिक्शा हटाया गया तो वह अपनी जीवन लीला समाप्त कर देंगी जिसकी जिम्मेदार पालिका होगी। गोल्फकार्ट श्रमिक मंगल सिंह नेगी ने कहा कि एक गोल्फ कार्ट में दो नहीं हो सकते, हर व्यक्ति को अलग से रोजगार मिलना चाहिए। जब कोई नहीं ले रहा था तब हमने गोल्फ कार्ट ली उस समय यह नहीं कहा गया कि इसमें दो लोग शामिल होगे तब कोई भी इन्हें लेने को तैयार नहीं था। सामाजिक कार्यकर्ता प्रकाश राणा ने कहा कि एक गोल्फ कार्ट में दो का होना संभव नहीं है ऐसा लगता है कि प्रशासन यहां से मजदूरों को हटाना चाहता है वहीं वेडर जोन कहा बनेगा उसमें कौन बैठेगा इसका पता नहीं है,स्थानीय सरकार अपनी विवेक से कार्य करे वरना सभी कार्यो की जांच करवायी जायेगी।
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संपादक: देव उनियाल

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एक गोल्फ कार्ट पर दो लोगों को समायोजित करने का श्रमिक कर रह विरोध मसूरी। Devendra Uniyal मसूरी में साइकिल रिक्शा समाप्त कर दो श्रमिकों को एक गोल्फ कार्ट लेने का विरोध शुरू हो गया है। श्रमिको का कहना है कि ऐसा करने से आपसी टकराव बढेगा। वहीं जिनकों पहले गोल्फकार्ट दी गयी उन्होंने कहा कि जब कोई तैयार नहीं था तब उन्होंने शासन की इस स्कीम को विरोध के बावजूद शुरू किया अब उन्हें कहा जा रहा है कि एक गोल्फकार्ट पर दो लोग शामिल होगें जो न्याय संगत नहीं है। मजदूर संघ के नेता रणजीत सिंह चौहान ने कहा कि एसडीएम ने पालिका में बैठक बुलाई जिसमें साइकिल रिक्शा की बात की। जबकि पहले भी उन्होंने पत्र दिया था कि जब सभी 121 रिक्शा श्रमिक सामने होंगे तभी इस पर निर्णय लिया जाना चाहिए केवल पांच आदमी इस पर निर्णय नहीं लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि जो मजदूर संघ अध्यक्ष संपत लाल है वह पढे लिखे नहीं है उनसे कागजों पर साइन करवाकर जहां मरजी कागज दिया जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि मसूरी में गोल्फ कार्ट चलाने के लिए साढे तीन करोड़ का बजट है यह किसने दिया यह भी बताया जाना चाहिए। वहीं एक गोल्फकार्ट पर दो लोगों का समयोजन संभव नहीं है जब भाई भाई आपस में एक नही रह सकते तो यह संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि अधितर लोग मुआवजा लेकर जाना चाहते है उन्हें उचित मुआवजा दे ताकि वे यहां से चले जाय। उन्हांने कहा कि ग्यारह लोगों की समिति बनायी गयी है। जो आपस में बात करेंगे व उसके बाद शपथ पत्र देंगे व यह पत्र पालिका में दिया जाय। जो बचते है उन्हें चार सीटर गोल्फ कार्ट दें। साइकिल रिक्शा श्रमिक विधवा कुसुम बिष्ट ने कहा कि पालिका कहती है कि वह वेडर जोन पर बैठे, रिक्शा किराये पर दे रखा है उससे पूरा नहीं होता, अगर जबरन रिक्शा हटाया गया तो वह अपनी जीवन लीला समाप्त कर देंगी जिसकी जिम्मेदार पालिका होगी। गोल्फकार्ट श्रमिक मंगल सिंह नेगी ने कहा कि एक गोल्फ कार्ट में दो नहीं हो सकते, हर व्यक्ति को अलग से रोजगार मिलना चाहिए। जब कोई नहीं ले रहा था तब हमने गोल्फ कार्ट ली उस समय यह नहीं कहा गया कि इसमें दो लोग शामिल होगे तब कोई भी इन्हें लेने को तैयार नहीं था। सामाजिक कार्यकर्ता प्रकाश राणा ने कहा कि एक गोल्फ कार्ट में दो का होना संभव नहीं है ऐसा लगता है कि प्रशासन यहां से मजदूरों को हटाना चाहता है वहीं वेडर जोन कहा बनेगा उसमें कौन बैठेगा इसका पता नहीं है,स्थानीय सरकार अपनी विवेक से कार्य करे वरना सभी कार्यो की जांच करवायी जायेगी।