February 20, 2026

गोल्फकार्ट संचालन लिए जिला प्रशासन, आरईसी फांडेशन के मध्य इसी माह एमओयू

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गोल्फकार्ट संचालन लिए जिला प्रशासन, आरईसी फांडेशन के मध्य इसी माह एमओयू

मसूरी।

Devendra Uniyal

 जिला प्रशासन के सतत प्रयासों के परिणामस्वरूप पर्यटन नगरी मसूरी को शीघ्र ही 40 अतिरिक्त गोल्फकार्ट की सुविधा प्राप्त होने जा रही है। जिला प्रशासन द्वारा इस महत्वपूर्ण पहल के लिए सभी तैयारियाँ पूर्ण कर ली गई हैं। इस संबंध में आरईसी रूरल इलेक्ट्रीफिकेशन कार्पोरेशन फांउडेशन लि0, भारत सरकार के सहयोग से गोल्फकार्ट उपलब्ध कराए जाएंगे।
जिलाधिकारी सविन बंसल के आग्रह पर आरईसी के प्रबंध निदेशक एवं अपर सचिव, भारत सरकार इसी माह देहरादून आगमन कर जिला प्रशासन के साथ औपचारिक समझौता ज्ञापन एमओयू पर हस्ताक्षर करेंगे। एमओयू हस्ताक्षर कार्यक्रम स्थानीय विधायक व प्रदेश के काबीना मंत्री तथा रिक्शा यूनियन के पदाधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति में सम्पन्न होगा। इस दौरान जिला प्रशासन एवं आरईसी के प्रतिनिधियों के बीच एमओयू का औपचारिक आदान-प्रदान किया जाएगा। जिलाधिकारी बंसल ने बताया कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य मसूरी में बढ़ते यातायात दबाव को कम करना, पर्यटकों एवं स्थानीय नागरिकों को सुगम, सुरक्षित एवं पर्यावरण-अनुकूल परिवहन उपलब्ध कराना तथा पारंपरिक रिक्शा चालकों को बेहतर आय के अवसर प्रदान करना है। मसूरी में अतिरिक्त गोल्फकार्ट संचालित होने से माल रोड एवं कैमलबैक रोड पर जाम की समस्या में उल्लेखनीय कमी आएगी। प्रदूषण-मुक्त परिवहन को बढ़ावा मिलेगा, स्थानीय रिक्शा चालकों की आर्थिकी में वृद्धि होगी। वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगजनों एवं पर्यटकों को आरामदायक आवागमन सुविधा मिलेगी। पर्यटन अनुभव अधिक सुव्यवस्थित एवं आकर्षक बनेगा। जिला प्रशासन का मानना है कि यह पहल मसूरी को स्वच्छ, सुगम और आधुनिक पर्यटन नगर के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगी। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों को गोल्फकार्ट संचालन हेतु आवश्यक व्यवस्थाएँ, मार्ग निर्धारण, पार्किंग स्थल, चार्जिंग व्यवस्था, सुरक्षा मानक एवं संचालन प्रणाली समयबद्ध रूप से पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं। जिला प्रशासन ने स्थानीय नागरिकों, व्यापारियों एवं पर्यटक हितधारकों से सहयोग की अपेक्षा व्यक्त करते हुए कहा कि यह पहल जनहित एवं सत्त पर्यटन विकास के उद्देश्य से की जा रही है। जिला प्रशासन द्वारा गोल्फकार्ट के लिए आरईसी फांडेशन लि0 आरईसी के अधिकारियों से चर्चा कर अपना प्रस्ताव प्रस्तुत करते हुए सीएसआर फंड से धनराशि की मांग की जिस पर आरईसी से 3.36 करोड़ धनराशि सीएसआर फंड से दी जा रही है। जिला प्रशासन का मसूरी में गोल्फकार्ट संचालन कराना अपने आप में बेहतरीन प्रयास जिससे मसूरी में जाम से निजात तो मिलेगा ही साथ ही मसूरी वासियों एवं पर्यटकों को आधुनिक सुविधा तथा स्थानीय रिक्शा चालकों को रोजगार मिलेगा। जिला प्रशासन के प्रयासों से दिसम्बर 2024 को मसूरी को सुगम सुविधा एवं जाम से निजात दिलाने हेतु गोल्फकार्ट का शुभारम्भ किया गया था। स्थानीय रिक्शा चालकों  को गोल्फ कार्ट चलाने हेतु सम्बन्धित कम्पनी के विशेषज्ञों द्वारा प्रशिक्षित किया गया है। मसूरी में प्रथम चरण में 4 गोल्फ कार्ट चलाए गए थे, वर्तमान में जिनकी संख्या 14 है। इन 40 नए गोल्फकार्ट आने से अब इनकी संख्या 54 हो जाएगी। जिलाधिकारी के निर्देश पर मसूरी माल रोड में यातायात के बढ़ते दबाव को कम करने के लिए माल रोड पर वाहनों का आवागमन पर रोक लगाते हुए, स्थानीय निवासियों एवं पर्यटकों की आवागमन हेतु सुगम सुविधा के लिए गोल्फ कार्ट चलाने की जिला प्रशासन ने योजना है, जो की मसूरी में यातायात प्रबंधन की दिशा में ऐतिहासिक पहल है।
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संपादक: देव उनियाल

एक गोल्फ कार्ट पर दो लोगों को समायोजित करने का श्रमिक कर रह विरोध मसूरी। Devendra Uniyal मसूरी में साइकिल रिक्शा समाप्त कर दो श्रमिकों को एक गोल्फ कार्ट लेने का विरोध शुरू हो गया है। श्रमिको का कहना है कि ऐसा करने से आपसी टकराव बढेगा। वहीं जिनकों पहले गोल्फकार्ट दी गयी उन्होंने कहा कि जब कोई तैयार नहीं था तब उन्होंने शासन की इस स्कीम को विरोध के बावजूद शुरू किया अब उन्हें कहा जा रहा है कि एक गोल्फकार्ट पर दो लोग शामिल होगें जो न्याय संगत नहीं है। मजदूर संघ के नेता रणजीत सिंह चौहान ने कहा कि एसडीएम ने पालिका में बैठक बुलाई जिसमें साइकिल रिक्शा की बात की। जबकि पहले भी उन्होंने पत्र दिया था कि जब सभी 121 रिक्शा श्रमिक सामने होंगे तभी इस पर निर्णय लिया जाना चाहिए केवल पांच आदमी इस पर निर्णय नहीं लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि जो मजदूर संघ अध्यक्ष संपत लाल है वह पढे लिखे नहीं है उनसे कागजों पर साइन करवाकर जहां मरजी कागज दिया जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि मसूरी में गोल्फ कार्ट चलाने के लिए साढे तीन करोड़ का बजट है यह किसने दिया यह भी बताया जाना चाहिए। वहीं एक गोल्फकार्ट पर दो लोगों का समयोजन संभव नहीं है जब भाई भाई आपस में एक नही रह सकते तो यह संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि अधितर लोग मुआवजा लेकर जाना चाहते है उन्हें उचित मुआवजा दे ताकि वे यहां से चले जाय। उन्हांने कहा कि ग्यारह लोगों की समिति बनायी गयी है। जो आपस में बात करेंगे व उसके बाद शपथ पत्र देंगे व यह पत्र पालिका में दिया जाय। जो बचते है उन्हें चार सीटर गोल्फ कार्ट दें। साइकिल रिक्शा श्रमिक विधवा कुसुम बिष्ट ने कहा कि पालिका कहती है कि वह वेडर जोन पर बैठे, रिक्शा किराये पर दे रखा है उससे पूरा नहीं होता, अगर जबरन रिक्शा हटाया गया तो वह अपनी जीवन लीला समाप्त कर देंगी जिसकी जिम्मेदार पालिका होगी। गोल्फकार्ट श्रमिक मंगल सिंह नेगी ने कहा कि एक गोल्फ कार्ट में दो नहीं हो सकते, हर व्यक्ति को अलग से रोजगार मिलना चाहिए। जब कोई नहीं ले रहा था तब हमने गोल्फ कार्ट ली उस समय यह नहीं कहा गया कि इसमें दो लोग शामिल होगे तब कोई भी इन्हें लेने को तैयार नहीं था। सामाजिक कार्यकर्ता प्रकाश राणा ने कहा कि एक गोल्फ कार्ट में दो का होना संभव नहीं है ऐसा लगता है कि प्रशासन यहां से मजदूरों को हटाना चाहता है वहीं वेडर जोन कहा बनेगा उसमें कौन बैठेगा इसका पता नहीं है,स्थानीय सरकार अपनी विवेक से कार्य करे वरना सभी कार्यो की जांच करवायी जायेगी।

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