February 22, 2026

संत निरंकारी मिशन ने प्रोजेक्ट अमृत के तहत सफाई अभियान चलाया

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संत निरंकारी मिशन ने प्रोजेक्ट अमृत के तहत सफाई अभियान चलाया

मसूरी।
Devendra Uniyal
  संत निरंकारी सदगुरू माता सुदीक्षा जी महाराज के निर्देशन में प्रोजेक्ट अमृत के अंतर्गत स्वच्छ जल, स्वच्छ मन अभियान के चौथे चरण में मसूरी में भी जल सरंक्षण व पर्यावरण संरक्षण के तहत सफाई अभियान चलाया गया जिसमें मसूरी के स्वंय सेवकों ने कैमल बैक रोड व मालरोड पर सफाई स्वच्छता अभियान चलाया। जिसमें तीन कुंतल कूडा 25 बैगों में  एकत्र किया।
संत निंरकारी मिशन ने मसूरी में जोनल इंचार्ज हरभजन सिंह के दिशा निर्देश में बाबा हरदेव सिंह मार्ग कैमल बैक रोड व मालरोड पर 70 से अधिक स्वयं सेवकों ने सफाई अभ्यिान में भाग लिया। संत निरंकारी मिशन यूनिट 561 के सेवादल अधिकारी संचालक सुमित कंसल ने बताया कि जल सरंक्षण की दिशा में निरंकारी मिशन अमृत के तहत पूरे देश के 15सौ से अधिक स्थानों पर सफाई अभियान चलाया गया। इस पहल का मूल उददेश्य समाज को जल संरक्षण के प्रति जागरूक करना है, जल केवल संसाधन नहीं बल्कि जीवन का आधार और ईश्वर की अमूल्य देन है जिसको बचाना प्रत्येक मानव का नैतिक कर्तव्य है। मिशन ने बाबा हरदेव की प्रेरणा व शिक्षाओं को आत्मसात करते हुए भारत सरकार संस्कृति मंत्रालय के सहयोग से प्रोजेक्ट अमृत का सूत्रपात वर्ष 2023 में किया था। नदियों, झीलों, तालाबों, कुओं, एवं झरनों जैसे प्राकृतिक जल स्रोतों के संरक्षण और संवर्धन हेतु समर्पित इस जन आंदोलन ने गत तीन सालों में सेवा समर्पण, और सहभागिता की अदभुत मिसाल प्रस्तुत की। जिससे समाज के हर वर्ग में प्रकृति के प्रति जागरूकता और सहभागिता के प्रति चेतना का विस्तार कर सकें। सदगुरू माता सुदीक्षा महाराज का संदेश सदैव यही रहा है कि हम इस धरती को आने वाली पीढियों के लिए पहले से अधिक सुंदर, स्वच्छ और संतुलित रूप में संजोकर रखें। स्वच्छ जल, स्वच्छ मन अभियान उसी पावन संकल्प का सजीव प्रतीक है जो मानव को प्रकृति समाज और आत्मा से जोडते हुए करूणा, संतुलन और सौहार्द से परिपूर्ण भविष्य की ओर मार्गदर्शन करता है। सफाई अभियान में सेवादल अधिकारी व संचालक सुमित कंसल, शिक्षक हरपाल खत्री, महिला इंचार्ज श्रुति कोहली, डा. प्रेम चंद, जगपाल सिंह, टोनी सैनी एवं साध संगत सेवादल सदस्य मौजूद रहे।
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संपादक: देव उनियाल

एक गोल्फ कार्ट पर दो लोगों को समायोजित करने का श्रमिक कर रह विरोध मसूरी। Devendra Uniyal मसूरी में साइकिल रिक्शा समाप्त कर दो श्रमिकों को एक गोल्फ कार्ट लेने का विरोध शुरू हो गया है। श्रमिको का कहना है कि ऐसा करने से आपसी टकराव बढेगा। वहीं जिनकों पहले गोल्फकार्ट दी गयी उन्होंने कहा कि जब कोई तैयार नहीं था तब उन्होंने शासन की इस स्कीम को विरोध के बावजूद शुरू किया अब उन्हें कहा जा रहा है कि एक गोल्फकार्ट पर दो लोग शामिल होगें जो न्याय संगत नहीं है। मजदूर संघ के नेता रणजीत सिंह चौहान ने कहा कि एसडीएम ने पालिका में बैठक बुलाई जिसमें साइकिल रिक्शा की बात की। जबकि पहले भी उन्होंने पत्र दिया था कि जब सभी 121 रिक्शा श्रमिक सामने होंगे तभी इस पर निर्णय लिया जाना चाहिए केवल पांच आदमी इस पर निर्णय नहीं लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि जो मजदूर संघ अध्यक्ष संपत लाल है वह पढे लिखे नहीं है उनसे कागजों पर साइन करवाकर जहां मरजी कागज दिया जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि मसूरी में गोल्फ कार्ट चलाने के लिए साढे तीन करोड़ का बजट है यह किसने दिया यह भी बताया जाना चाहिए। वहीं एक गोल्फकार्ट पर दो लोगों का समयोजन संभव नहीं है जब भाई भाई आपस में एक नही रह सकते तो यह संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि अधितर लोग मुआवजा लेकर जाना चाहते है उन्हें उचित मुआवजा दे ताकि वे यहां से चले जाय। उन्हांने कहा कि ग्यारह लोगों की समिति बनायी गयी है। जो आपस में बात करेंगे व उसके बाद शपथ पत्र देंगे व यह पत्र पालिका में दिया जाय। जो बचते है उन्हें चार सीटर गोल्फ कार्ट दें। साइकिल रिक्शा श्रमिक विधवा कुसुम बिष्ट ने कहा कि पालिका कहती है कि वह वेडर जोन पर बैठे, रिक्शा किराये पर दे रखा है उससे पूरा नहीं होता, अगर जबरन रिक्शा हटाया गया तो वह अपनी जीवन लीला समाप्त कर देंगी जिसकी जिम्मेदार पालिका होगी। गोल्फकार्ट श्रमिक मंगल सिंह नेगी ने कहा कि एक गोल्फ कार्ट में दो नहीं हो सकते, हर व्यक्ति को अलग से रोजगार मिलना चाहिए। जब कोई नहीं ले रहा था तब हमने गोल्फ कार्ट ली उस समय यह नहीं कहा गया कि इसमें दो लोग शामिल होगे तब कोई भी इन्हें लेने को तैयार नहीं था। सामाजिक कार्यकर्ता प्रकाश राणा ने कहा कि एक गोल्फ कार्ट में दो का होना संभव नहीं है ऐसा लगता है कि प्रशासन यहां से मजदूरों को हटाना चाहता है वहीं वेडर जोन कहा बनेगा उसमें कौन बैठेगा इसका पता नहीं है,स्थानीय सरकार अपनी विवेक से कार्य करे वरना सभी कार्यो की जांच करवायी जायेगी।

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