September 15, 2026

हिमवंत कवि चंद्रकुंवर बर्त्वाल की 80वीं पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि अर्पित की

हिमवंत कवि चंद्रकुंवर बर्त्वाल की 80वीं पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि अर्पित की
मसूरी। संवाददाता
हिमवंत कवि चंद्रकुंवर बर्त्वाल की 80वीं पुण्यतिथि पर चंद्रकुंवर बर्त्वाल शोध संस्थान मसूरी व ‘द हिल्स ऑफ मसूरी’ के तत्वावधान में मालरोड स्थित उनकी प्रतिमा पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में पालिकाध्यक्ष मीरा सकलानी सहित विभिन्न सामाजिक, राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों और साहित्य प्रेमियों ने माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी और उनके साहित्य संसार व रचनाओं पर विस्तार से चर्चा की।
इस मौके पर चंद्रकुंवर बर्त्वाल शोध संस्थान के अध्यक्ष शूरवीर सिंह भंडारी ने कहा कि प्रकृति के चितेरे कवि चंद्रकुंवर बर्त्वाल की 80वीं पुण्यतिथि मनाई जा रही है। संस्थान 1994 से लगातार संगोष्ठियां, प्रतियोगिताएं आयोजित कर उनके साहित्य पर चर्चा करता आ रहा है। उन्होंने कहा कि बर्त्वाल ने बहुत कम उम्र में हिंदी साहित्य की बड़ी सेवा की, मात्र 28 वर्ष की उम्र में उनका देहांत हो गया था। शोध संस्थान और द हिल्स के सहयोग से उनके साहित्य को संरक्षित और संजोने का प्रयास किया जा रहा है। बर्त्वाल के कविता संसार पर विश्लेषणात्मक अध्ययन, हिंदी साहित्य में छायावाद और हिंदी साहित्य में चंद्रकुंवर का स्थान जैसे विषयों पर ग्रंथ की रचना की जा रही है। उन्हें क्यों हिंदी और उत्तराखंड का कालिदास और पश्चिम में अंग्रेजी का कीट्स कहा जाता है, इस पर कई आलेखों पर कार्य जारी है जो शीघ्र प्रकाशित होंगे।
मुख्य अतिथि पालिकाध्यक्ष मीरा सकलानी ने सभी को हिंदी दिवस की बधाई दी। उन्होंने कहा कि चंद्रकुंवर बर्त्वाल ने संसाधनों की कमी के बावजूद कम समय में हिंदी साहित्य को जो दिया, वह अकल्पनीय है और युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा है। उन्होंने कहा कि आज हिंदी दिवस है, जो हमारी राजभाषा है, इसके प्रति लोगों को आगे आना चाहिए ताकि हिंदी को वह सम्मान मिल सके जिसकी अपेक्षा है। इसके लिए सभी को अपनी सोच बदलनी होगी। उन्होंने कहा कि मालरोड पर चंद्रकुंवर बर्त्वाल की प्रतिमा का सौंदर्यीकरण और वाचनालय का निर्माण किया जाएगा।
इस अवसर पर संस्थान के सचिव नरेंद्र पडियार, पूर्व पालिकाध्यक्ष अनुज गुप्ता, हिमालयन साहसिक संस्थान के निदेशक एस.पी. चमोली, सभासद जसबीर कौर, शहर कांग्रेस अध्यक्ष अमित गुप्ता, सभासद पंकज खत्री, नीरज अग्रवाल, देवी गोदियाल, गंभीर पंवार, तनमीत खालसा, वीरेंद्र कैंतुरा सहित बड़ी संख्या में साहित्य प्रेमी मौजूद रहे।