163 दिनों से धरने पर बैठे रेहड़ी-पटरी श्रमिकों को कांग्रेस का समर्थन
163 दिनों से धरने पर बैठे रेहड़ी-पटरी श्रमिकों को कांग्रेस का समर्थन

मसूरी।
Devendra Uniyal
माल रोड से हटाए जाने के बाद रोजी-रोटी के संकट से जूझ रहे करीब 80 रेहड़ी-पटरी श्रमिक परिवार पिछले 163 दिनों से शहीद स्मारक पर धरने पर बैठे हैं। उनकी मांग है कि उन्हें सम्मानपूर्वक छोटा व्यवसाय करने का अवसर दिया जाए।
श्रमिकों का आरोप है कि इस संबंध में कई बार नगर पालिकाध्यक्ष मीरा सकलानी और कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी से वार्ता की गई, लेकिन कोई सकारात्मक समाधान नहीं निकला। समाधान न मिलने पर श्रमिकों ने भूख हड़ताल का निर्णय लिया था।
आज प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष सुजाता पॉल और कांग्रेस प्रवक्ता अधिवक्ता पंकज सिंह क्षेत्री धरनास्थल पर पहुंचे और श्रमिकों की समस्याएं सुनीं। उन्होंने आंदोलन को समर्थन देते हुए भूख हड़ताल टालने और गांधीवादी, शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन जारी रखने की अपील की।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि 80 परिवारों की आजीविका का सवाल मानवीय संवेदना और रोजगार के अधिकार से जुड़ा है। प्रशासन और पालिका को चाहिए कि श्रमिक प्रतिनिधियों के साथ तत्काल बैठक कर व्यावहारिक और मानवीय समाधान निकाले तथा वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध कराए। उन्होंने कहा कि गरीब श्रमिकों की आवाज को लोकतांत्रिक तरीके से मजबूती से उठाया जाएगा।
