September 19, 2026

मसूरी की बेटी आरोही भट्टाचार्य की DUSU में बड़ी जीत, सेंट्रल काउंसलर पद पर कब्जा

मसूरी की बेटी आरोही भट्टाचार्य की DUSU में बड़ी जीत, सेंट्रल काउंसलर पद पर कब्जा
मसूरी l
Devendra Uniyal
 पहाड़ की प्रतिभा ने एक बार फिर राष्ट्रीय मंच पर परचम लहराया है। मसूरी निवासी आरोही भट्टाचार्य ने 18 सितंबर को हुए दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (DUSU) चुनाव में शानदार जीत दर्ज कर सेंट्रल काउंसलर का पद जीता है।
आरोही ने साउथ कैंपस के आत्मा राम सनातन धर्म (ARSD) कॉलेज से हैप्पी क्लब के बैनर तले चुनाव लड़ा और भारी मतों से जीत हासिल की।
पढ़ाई में अव्वल, लक्ष्य एस्ट्रोफिजिक्स
आरोही की इस सफलता की नींव उनकी मजबूत शैक्षणिक पृष्ठभूमि है। वह मसूरी के कॉन्वेंट ऑफ जीसस एंड मैरी (CJM), वेवर्ली स्कूल की छात्रा रही हैं, जहां से उन्होंने PCM स्ट्रीम से 12वीं की पढ़ाई की है। 2023-24 में वह स्कूल की प्रीफेक्ट भी रही हैं।
2025 में उन्होंने CUET परीक्षा के माध्यम से NIRF रैंकिंग में देश में 5वें स्थान पर रहे ARSD कॉलेज मे.bSc. (Hons.) फिजिक्स में दाखिला लिया। एस्ट्रोफिजिक्स में रुचि के चलते वह साथ ही IIT पटना से हाइब्रिड BSMS डिग्री (तीसरे सेमेस्टर) की भी पढ़ाई कर रही हैं।
संगीत और लोकसेवा की विरासत
आरोही को यह संस्कार विरासत में मिले हैं। उनके पिता रितेश के. भट्टाचार्य CJM वेवर्ली में संगीत शिक्षक हैं और उत्तराखंड के जाने-माने संगीतकार हैं। वह पद्मश्री कैलाश खेर के साथ मंच साझा कर चुके हैं और अगले महीने बॉलीवुड गायक जुबिन नौटियाल के साथ उनके एलबम में नजर आएंगे।
वहीं उनकी माता निशा भट्टाचार्य पिछले दो दशकों से अधिक समय से मसूरी स्थित लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (LBSNAA) में प्रशासनिक पद पर सेवाएं दे रही हैं।
परिवार की तरह ही आरोही भी कुशल गायिका हैं और खाली समय में पियानो और गिटार बजाती हैं।
मसूरी-देहरादून में जश्न
जीत की खबर के बाद मसूरी और देहरादून में जश्न का माहौल है। CJM वेवर्ली की प्रिंसिपल सिस्टर बीना जॉन सहित स्कूल स्टाफ ने अपनी पूर्व छात्रा पर गर्व जताते हुए बधाई दी है।
एक छोटे से पहाड़ी शहर से निकलकर देश के सबसे बड़े विश्वविद्यालय में अहम पद तक पहुंचना साबित करता है कि प्रतिभा किसी भौगोलिक सीमा की मोहताज नहीं होती।