पालिका अध्यक्ष मीरा सकलानी द्वारा लगाए गए आरोप पूरी तरह निराधार – गीता कुमांई
पालिका अध्यक्ष मीरा सकलानी द्वारा लगाए गए आरोप पूरी तरह निराधार – गीता कुमांई
Devendra Uniyal
“नगर हित और जनता के अधिकारों के लिए मैं हमेशा खड़ी रहूँगी”
नगर पालिका सभासद गीता कमाई ने प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए पालिका अध्यक्ष मीरा सकलानी द्वार लगाए गए सभी आरोपों को निराधार बताया कहा की यदि मुझे राजनीति करनी होती, तो मैं तीन महीने पहले धरना-प्रदर्शन और नारेबाज़ी का रास्ता अपनाती; परंतु विगत 8 महीनों में आपने मुझे किसी भी ऐसी गतिविधि में शामिल होते नहीं देखा होगा। मेरा उद्देश्य जनता की समस्याओं को समाधान की दिशा में ले जाना है।
उन्होंने कहा कि
पालिका अध्यक्ष द्वारा यह कहना कि मैं सुबह धरना देती हूँ और रात को तोड़ देती हूँ — बिल्कुल असत्य है। मेरा रिकॉर्ड स्पष्ट है कि चाहे मामला पटरी व्यापारियों का हो, शिफ़नकोट निवासियों का हो या महिलाओं के सम्मान का — मैंने हमेशा निस्वार्थ भाव से जनता के साथ खड़े होकर उनकी लड़ाई लड़ी है।
कहा की
पटरी व्यापारियों के संबंध में प्रस्तुत किए गए आँकड़े़ भी भ्रामक और गलत हैं। मेरे वार्ड से केवल लगभग 12% निवासी पटरी व्यापार जुड़े हुए हैं। हाँ, यह सत्य है कि मैंने बिना किसी भेदभाव के सभी व्यापारियों के अधिकारों की रक्षा हेतु आवाज़ उठाई है। यह कहना कि 80% व्यापारी मेरे वार्ड से हैं, जनता को गुमराह करने का प्रयास है।
पालिका अध्यक्ष ने यह भी प्रश्न उठाया कि पूर्व बोर्ड के समय वेंडर्स के लिए क्या प्रयास हुए। मैं स्पष्ट करना चाहती हूँ कि अपने पिछले कार्यकाल में भी मैंने नासवी संस्था को सहयोग के लिए आमंत्रित किया था। उनके प्रयास से न केवल टीवीसी (Town Vending Committee) का गठन हुआ, बल्कि वेंडर्स का चिन्हांकन कर उनके वेंडर कार्ड भी जारी किए गए। किंतु चूँकि अध्यक्ष महोदया हाल ही में 9 माह पूर्व चुनाव लड़ने हेतु यहाँ आई हैं, इसलिए उन्हें पूर्व में हुए कार्यों की जानकारी का आभाव है।
उन्होंने कहा कि पालिका अध्यक्ष द्वारा यह भी आरोप लगाया कि मैंने जौनपुर के लोगों को ठेके दिए जाने की बात कही — यह भी पूरी तरह झूठा और भ्रामक बयान है। आपको शायद विदित नहीं है की पूर्व के कार्यकाल में किसी एक व्यक्ति विशेष द्वारा जब जौनपुर समाज पर अभद्र टिप्पणी की गई थी तब भी हम सब जौनपुर समाज के साथ खड़े थे। चुनाव के समय जब निर्वाचन की सूची बनाई जा रही थी और यहां निवासरत लोगों के नाम काटे जा रहे थे तब भी मैं उनके साथ खड़ी थी। आप उस समय भी यहां पर नहीं थे। अतः मैं आपको बताना चाहूंगी कि मुझे सदैव उत्तराखंड के हर क्षेत्र के साथ-साथ जौनपुर समाज का असीम स्नेह और समर्थन मिला है। आप अपने भ्रामक बयानों के माध्यम से हमारी शांतिप्रिय मसूरी में जातीय यां क्षेत्रीय विभाजन के विषैले बीज बोने का प्रयास कर रही हैं। यह गलत राजनीति है, और जनता इसे भली भाँति समझती है।
आपकी यही कार्यशैली — “तेरा-मेरा” की सोच — इस बात से भी स्पष्ट होती है कि आज तक हमारे स्थायी कर्मचारियों को आबंटित आवास आपकी दोहरी भेदभाव की नीति के कारण नहीं मिल पाए हैं।
वेंडर्स को लेकर आपके प्रशासन की प्रक्रिया भी पारदर्शी नहीं रही। तीन माह (90 दिन) तक दुकानदारों ने आपके आश्वासन पर दुकानें नहीं लगाईं, फिर भी आप वेंडर्स को चिन्हित कर उनकी सूची तैयार नहीं कर पाईं। बायोमैट्रिक सर्वे नहीं कराया गया। जब हमने सवाल उठाए, तो दो दिन पूर्व ही बिना किसी व्यवस्थित योजना के कर्मचारियों को घर-घर भेजना शुरू किया गया।
वेंडर्स हो यां जनप्रतिनिधि, जनता वीडियो साक्ष्यों के साथ आपकी धमकी भरी प्रवृत्ति भी देख चुकी है। आपने मीडिया को दिए गए अपने हालिया बयान में भी अप्रत्यक्ष रूप से कहा कि “जिनके घर काँच के होते हैं, वे दूसरों के घर पर पत्थर न फेंकें” — यह भी सीधी धमकी ही है जो आपकी इस प्रवृत्ति को उजागर करती है।
वेंडर जोन निर्माण कार्य को लेकर भी आप ने किताब घर में निजी संपत्ति पर बिना NOC के डीपीआर बनाने का प्रस्ताव लाया। मेरे द्वारा बोर्ड में इसका भी विरोध किया गया और बाद में वास्तव में आपको NOC नहीं मिल पाई।
मेरी जानकारी के अनुसार संबंधित स्थल माल रोड (वी लव मसूरी के समीप) पर कलसिया कॉटेज के मालिक द्वारा नगर पालिका अधिशासी अधिकारी एवं सब डिविजनल मजिस्ट्रेट के समक्ष आपत्ति दर्ज की गई है। विवादित स्थल पर वेंडर की दुकानों का निर्माण कर सरकारी धन का गलत प्रयोग करने की कोशिश की जा रही है। यदि बनाई जा रही दुकानें मूवेबल है तो भी आपको सर्वप्रथम कोई अविवादित स्थल चयनित करना चाहिए।
गीता कुमाई
ने कहा कि
मैं स्पष्ट करना चाहती हूँ की माल रोड की व्यवस्था ठीक करना सबकी प्राथमिकता होनी चाहिए। मैं भी इसके पक्ष में हूँ, लेकिन यह कार्य नियम, नीति और पारदर्शिता के साथ होना चाहिए। वेंडर्स को सही तरीके से चिन्हित कर, वेंडर एक्ट 2014 के अनुरूप उनके रोजगार,वेंडिंग जोन और नो वेंडिंग ज़ोन पर संतुलित निर्णय तय कर तथा ठोस नीति बनाकर ही आगे बढ़ना होगा।
उन्होंने नगर पालिका अध्यक्ष मीरा सकलानी से मनमानी छोड़कर नगर हित में स्पष्ट और पारदर्शी नीति बनाने की मांग की है
संपादक: देव उनियाल
