March 7, 2026

आखिर कब मिलेगी मसूरी वासीयो को कुत्ते, लंगूर बंदरों से छुटकारा, 1200 के करीब मामले अस्पताल में है दर्ज

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आखिर कब मिलेगी मसूरी वासीयो को कुत्ते, लंगूर बंदरों से छुटकारा, 1200 के करीब मामले अस्पताल में है दर्ज

मसूरी l
Devendra Uniyal
मसूरी में बंदर, कुत्तों और लंगूरों का आतंक एक बड़ी समस्या बन गया है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि ये जानवर लोगों को काट रहे हैं और उनके घरों में घुसकर नुकसान पहुंचा रहे हैंl अभी तक जनवरी से लेकर अक्टूबर तक 1200 लोगों को कुत्ते बिल्ली ,बंदर ,लंगूर काट चुके हैंl
केवल अक्टूबर माह में ही 87 लोगों को कुत्ते ने काटा जबकि अक्टूबर माह में बिल्ली लंगूर बंदर ने 30 लोगों को काटे जाने के मामले अस्पताल में दर्ज हैl
इस बारे में उप जिला चिकित्सालय के सीएमएस डॉक्टर खजान ने बताया कि अस्पताल के बाहर बड़ी संख्या में कुत्ते हैं जो अस्पताल आने वाले मरीजों पर झपट रहे हैं कई लोगों को अभी तक काट भी चुके हैंl
उन्होंने बताया कि इस संबंध में दो-तीन बार नगर पालिका को लिखित में शिकायत कर दी गई लेकिन 6
माह बीत जाने के बाद भी इस दिशा में नगर पालिका द्वारा कोई भी कार्रवाई नहीं की गई जिससे अस्पताल आने वाले मरीजों में डर का माहौल बना हुआ हैl
बताया कि अभी तक सैकड़ो लोगों को बंदर, कुत्ते ,लंगूर बिल्ली काट चुके हैं लेकिन नगर पालिका द्वारा अभी तक इस दिशा में कोई भी कार्रवाई नहीं की गई l
गौर तलब है कि मसूरी में कुत्ते और बंदरों का आतंक बढ़ता जा रहा है, जिससे लोगों का घर से निकलना मुश्किल हो गया है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि बंदरों और आवारा कुत्तों के खौफ ने लोगों को घर में कैद कर दिया है।
इस बारे में स्थानीय निवासी अमित गुप्ता शाहनवाज का कहना है की मसूरी में लगातार आवारा कुत्तों और बंदरों का आतंक बढ़ रहा है, लेकिन नगर पालिका प्रशासन कुत्तों और बंदरों के आतंक से निजात दिलाने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा हैl उन्होंने बताया कि सबसे ज्यादा परेशानी स्कूल जाने वाले बच्चों की हो रही है बंदर बच्चों पर झड़ रहे हैं जिसे परिजनों मैं दहशत का माहौल बना हुआ है उन्होंने नगर पालिका से इस दिशा में ठोस कार्रवाई करने की मांग की हैl

शहर के विभिन्न मोहल्लों में कुत्ते, बंदरों का आतंक l

शहर के जाफर हाल, सुमित्रा भवन ,गार्डन रीच ,कुलड़ी बाजार ,हैप्पी वैली, गन हिल ,इंदिरा कॉलोनी कैमल बैक सहित अन्य हिस्सों में बंदर ,कुत्तों के
आतंक से आम आदमी परेशान है अभी तक कई बच्चों को कुत्ते, बंदर लंगूर काट चुके हैं लेकिन पालिका प्रशासन इस दिशा में कोई भी कार्यवाही करने को तैयार नहीं है जिससे लोगों में पालिका के खिलाफ भारी आक्रोश
व्याप्त है l
स्थानीय निवासी राजेंद्र ने बताया कि यदि नगर पालिका द्वारा शीघ्र उक्त समस्या का समाधान नहीं किया गया तो क्षेत्र वासियों को नगर पालिका के खिलाफ आंदोलन करने के लिए बाध्य होना पड़ेगाl
उन्होंने बताया कि स्कूली बच्चों में इतना डर पैदा हो गया है बच्चे स्कूल जाने के लिए भी मना कर रहे हैं क्योंकि कई बार कुत्ते, बंदर स्कूली बच्चों पर झपट चुके हैंl
आलम यह है केवल अक्टूबर माह में 87 लोग रवीश का टीका लगाने के लिए अस्पताल पहुंचे l
जनवरी से लेकर अक्टूबर तक 829 लोगों को कुत्ते,
98 लोगों को बंदर, पांच लोगों को लंगूर और 125 लोगों को बिल्ली के
काटने के मामले अस्पताल में दर्ज हैं l
अभी तक कुत्ते, बंदर ,लंगूर, बिल्ली के काटने के जनवरी से लेकर अक्टूबर तक 1029 के करीब मामले अस्पताल में आ चुके हैं l इसके अलावा कुछ लोगों को अस्पताल मैं इलाज करने आए लोगों को अस्पताल के बाहर ही कुत्तों ने काट दियाl
इस बारे में पालिका अधिशासी अधिकारी तनवीर मरवाह ने कहा कि जल्द ही एबीसी सेंटर को संचालित किया जाएगाl वही देहरादून से कुत्तों को पकड़ने के लिए एनजीओ की सहायता भी ली जा रही है.
वह बंदरों को पकड़ने के लिए वन विभाग की सहायता ली जा रही है हाल ही में बंदरों को पकड़ने के लिए वन विभाग की सहायता से अभियान भी चलाया गया है.

समस्या की जड़

आवारा कुत्तों और बंदरों की संख्या में वृद्धिl
स्थानीय प्रशासन की अनदेखीl
लोगों की सुरक्षा की कमी l

प्रभाव

लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया है l
बच्चों और बुजुर्गों को खतरा l
स्थानीय व्यापार पर प्रभाव l

समाधान

स्थानीय प्रशासन को सख्त कदम उठाने होंगेl
आवारा कुत्तों और बंदरों की संख्या कम करने के लिए अभियान चलाना होगाl
लोगों को जागरूक करना होगा और उनकी सुरक्षा के लिए कदम उठाने होंगे l

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संपादक: देव उनियाल

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