September 6, 2026

देहरादून के पूर्व मेयर सुनील उनियाल गामा ने ठोकी मसूरी से ताल.

देहरादून के पूर्व मेयर सुनील उनियाल गामा ने ठोकी मसूरी से ताल.
मसूरी
Devendra Uniyal
विधानसभा चुनाव से पहले ही मसूरी सीट पर सियासी पारा चढ़ गया है। भाजपा के वरिष्ठ नेता और देहरादून के पूर्व मेयर सुनील उनियाल गामा ने मसूरी विधानसभा से चुनाव लड़ने का खुला ऐलान कर कैबिनेट मंत्री और चार बार के विधायक गणेश जोशी के गढ़ में सीधी सेंध लगा दी है।
गामा का बड़ा बयान
मसूरी में शहीद स्थल पर लंबे समय से धरने पर बैठे पटरी व्यापारियों से मुलाकात के दौरान गामा ने कहा –
“टिकट तो वरिष्ठ नेतृत्व तय करेगा, लेकिन मैं अनुरोध कर रहा हूं कि हर किसी को मौका मिलना चाहिए, तो इस बार मौका सुनील उनियाल गामा को क्यों ना मिले। यह सीट बीजेपी की है। जो बीजेपी से लड़ेगा, वो ऐतिहासिक वोटों से जीतेगा।
जब उनसे पूछा गया कि मसूरी सीट तो कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी की है, तो उन्होंने दो टूक कहा –
“यह सीट बीजेपी की है, किसी व्यक्ति की कोई सीट नहीं है। मैं बीजेपी से चुनाव लड़ा। बीजेपी ने ही मुझे मेयर बनाया। ऐसे ही गणेश जोशी को विधायक और मंत्री बीजेपी ने बनाया है। मसूरी बीजेपी की सीट है, जो भी लड़ेगा, वो जीतेगा।
आखिरी गेंद तक उम्मीद बरकरार कहा कि टिकट किसी को भी मिले, वे एकजुट होकर पार्टी प्रत्याशी को जिताने के लिए काम करेंगे, लेकिन उनकी इच्छा अब मसूरी विधानसभा का प्रतिनिधित्व करने की है।
गामा का राजनीतिक सफर – 40 साल का सिपाही
1989 में वार्ड अध्यक्ष के रूप में राजनीतिक सफर शुरू किया
– 1991 में भाजपा युवा मोर्चा के नगर महामंत्री, 1995 में नगर अध्यक्ष, 1997 में जिलाध्यक्ष
– 2004 में प्रदेश मंत्री, 2007 में भाजपा महानगर उपाध्यक्ष
– 2018 में देहरादून नगर निगम से मेयर का टिकट मिला और ऐतिहासिक जीत दर्ज की
– 2025 के निकाय चुनाव में पार्टी ने उनका टिकट काटकर सौरभ थपलियाल को प्रत्याशी बनाया थाl
पहाड़ी मूल का होने के कारण देहरादून और मसूरी के पर्वतीय वोट बैंक में उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है। पार्टी के लिए कई बार संकटमोचक की भूमिका निभा चुके हैं।
मसूरी में क्यों गरमाई सियासत?
1. गणेश जोशी पर एंटी-इनकंबेंसी: चार बार विधायक रहने के बाद स्थानीय स्तर पर विरोध के स्वर
2. पटरी व्यापारी मुद्दा: मसूरी में शहीद स्थल पर व्यापारियों का धरना, गामा ने समर्थन देकर स्थानीय लोगों के बीच पकड़ बनाई
3. भाजपा में भीतरघात का डर: कांग्रेस इस बार मसूरी से नया चेहरा उतारने की तैयारी में है, ऐसे में भाजपा भी नए चेहरे पर दांव खेल सकती है – ऐसी चर्चा तेज हैl
फिलहाल गामा के इस ऐलान के बाद मसूरी की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। देखना होगा कि भाजपा आलाकमान 2027 में किस पर भरोसा जताता है – अनुभवी मंत्री गणेश जोशी पर या 40 साल के संगठन के सिपाही सुनील उनियाल गामा पर।