MPG कॉलेज में छात्रसंघ चुनाव पर घमासान, NSUI अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठी, ABVP ने प्रक्रिया पर उठाए सवाल – चुनाव पररोक
MPG कॉलेज में छात्रसंघ चुनाव पर घमासान, NSUI अनिश्चितकालीन अनशन
पर बैठी, ABVP ने प्रक्रिया पर उठाए सवाल – चुनाव पररोक

मसूरी 25 सितंबर 2026।
Devendra Uniyal
एमपीजी कॉलेज में छात्रसंघ चुनाव को लेकर चुनाव प्रबंधन समिति की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। ABVP, NSUI, मसूरी छात्र संगठन और जौनपुर ग्रुप के कार्यकर्ताओं ने प्रधानाचार्य कार्यालय में जमकर हंगामा किया। वहीं NSUI सहित अन्य छात्र संगठनों के छात्र प्रधानाचार्य के कक्ष में धरने पर बैठ गए।
छात्र नेताओं का आरोप है कि चुनाव प्रबंधन समिति के गलत निर्णयों के कारण छात्रसंघ चुनाव कराना कठिन हो गया है। अंत में प्रधानाचार्य डॉ. सुनील पंवार ने गढ़वाल विश्वविद्यालय को पत्र भेजकर आगामी दिशा-निर्देश आने तक चुनाव प्रक्रिया पर रोक लगा दी।
जानकारी के अनुसार गत दिवस नामांकन के दौरान ABVP के तीन पदों – उपाध्यक्ष, सचिव और कोषाध्यक्ष – के नामांकन में कमी पाए जाने पर उनके नामांकन निरस्त कर दिए गए। लेकिन चुनाव प्रबंधन समिति ने देर शाम को NSUI के तीन प्रत्याशियों के खिलाफ अन्य कोई प्रत्याशी न होने पर उनके निर्विरोध निर्वाचित होने की घोषणा कर दी। इसी बात पर ABVP भड़क गई और सुबह से ही कॉलेज में हंगामे का माहौल रहा।
ABVP नेताओं का आरोप है कि जब तक नामांकन पत्रों की जांच (स्क्रूटनी) पूरी नहीं हो जाती, तब तक दूसरे पक्ष के प्रत्याशियों को निर्विरोध विजयी कैसे घोषित किया जा सकता है। वहीं NSUI नेताओं का आरोप है कि महाविद्यालय प्रशासन भाजपा के दबाव में कार्य कर रहा है। NSUI ने चेतावनी दी कि अगर ऐसा है तो वे सभी पदों से अपने नामांकन वापस ले लेंगे।
इसी बात को लेकर प्रधानाचार्य कक्ष में तीखी बहस हुई और NSUI के छात्र वहीं धरने पर बैठ गए। इस मौके पर NSUI के छात्र नेता जगपाल गुसाईं ने कहा कि भाजपा और उसके आनुषांगिक संगठन वोट चोरी के आधार पर चुनाव लड़ते और जीतते हैं। उन्होंने कहा कि 11 से 2 बजे तक स्क्रूटनी और उसके बाद नाम वापसी का समय था, लेकिन न तो स्क्रूटनी की गई, न ही नाम वापसी कराई गई और न ही कोई सूची चस्पा की गई, जिसका वे विरोध कर रहे हैं।
इस पर प्रधानाचार्य डॉ. सुनील पंवार ने कहा कि कॉलेज चुनाव प्रबंधन समिति अपना कार्य कर रही थी, तभी एक गुट आया और विरोध शुरू कर दिया। उनकी कुछ आपत्तियां थीं। उसके बाद दूसरा गुट आया, उनकी भी आपत्तियां थीं। इस स्थिति में चुनाव समिति ने निर्णय लिया कि इस समस्या के समाधान के लिए विश्वविद्यालय से दिशा-निर्देश लिए जाएंगे और जब तक निर्देश नहीं आते, चुनाव प्रक्रिया रोक दी गई है। इस दौरान मुख्य चुनाव अधिकारी डॉ. अमिताभ भट्ट भी मौजूद रहे।
किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए कोतवाल नरेंद्र गहलावत के नेतृत्व में पुलिस बल महाविद्यालय में तैनात रहा।
