मसूरी में जाम से मुक्ति दिलाने के लिए चार रोपवे प्रोजेक्ट पर बैठक आयोजित
मसूरी में जाम से मुक्ति दिलाने के लिए चार रोपवे प्रोजेक्ट पर बैठक आयोजित


मसूरीl Devendra uniyal
पर्यटन नगरी मसूरी को जाम से मुक्ति दिलाने व पर्यटकों की सुविधा को देखते हुए यूकेएमआरसी कंपनी ने मसूरी के विभिन्न स्थानों को रोपवे से जोड़ने के लिए डीपीआर प्रीपिरेशन के लिए बैठक का आयोजन ,जिसमें कंपनी की ओर से प्रोजेक्ट के बारे में विस्तार से अवगत कराया गया। इस मौके पर प्रदेश के काबीना मंत्री गणेश जोशी, पालिकाध्यक्ष मीरा सकलानी सहित विभिन्न विभागों व पर्यटन से जुडे व्यवसायियों ने प्रतिभाग किया।
गुरुवार को आयोजित बैठक में यूकेएमआरसी कंपनी की ओर से अवगत कराया गया कि कंपनी ने मसूरी के पर्यटक स्थलों को सीधे रोपवे से जोड़ने का प्रोजेक्ट बनाया है जिसमें लाइब्रेरी गांधी चौक से जार्ज एवरेस्ट 3.710किमी., लाइब्रेरी चौक से लाल टिब्बा 2.830किमी, कैमल बैक रोड से कैंपटी फॉल 4.670किमी, किंक्रेग पार्किग से चिक चॉकलेट तक 2.30किमी, मुख्य हैl
इसके साथ ही कंपनी ने जार्ज एवरेस्ट से भद्राज मंदिर तक 70440किमी. को भी प्रोजेक्ट में रखा है लेकिन अभी इसको फाइनल नहीं किया है। इस संबंध में बैठक में मौजूद विभागीय अधिकारियों व पर्यटन से जुडे संस्थानों से सुझाव लिए गये ताकि अगर इसमें कोई बदलाव हो तो वह समय रहते किया जा सके l
इस मौके पर प्रदेश के काबीना मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि अभी प्रोजेक्ट के बारे में बताया गया हैl
कहा की सभी समस्याओं को ध्यान में रख कर प्रोजेक्ट को बनाने का निर्णय लिया जायेगा। उन्होंने कहा कि यह प्रोजेक्ट मेट्रो ने बनाया है इसमें कई समस्यायें आयेगी, इसमें भूमि अधिग्रहण, एनजीटी, वन विभाग, जल संस्थान, विद्युत, एमडीडीए, छावनी व प्राइवेट भूमि मुख्य हैं। उन्हांने कहा कि पुरूकुल रोपवे में सभी समस्यायें देखी गयी व उन्हें सुलझाने में लंबा समय लगा इसलिए इस प्रोजेक्ट को तभी शुरू करें जब सभी की एनओसी मिल जाय। जिस तरह से प्रदेश में आपदा आ रही है और यहां भी कोई बड़ी घटना कभी भी घट सकती है, इसलिए इसपर पूरा परीक्षण करना होगा। इस मौके पर पालिकाध्यक्ष मीरा सकलानी ने कहा कि इसमें सबसे पहले जो क्षेत्र प्रभावित होने वाले है पहले उनसे वार्ता करनी जरूरी है जिसमें लंढौर व कैमलबैक रोड प्रमुख है ताकि उनके व्यापार पर कोई प्रभाव न पड़े वह इस प्रोजेक्ट चाहते भी हैं या नही। उन्होंने यह भी कहा कि रोपवे के लिए पार्किग का होना जरूरी है जहां पर्यटक वाहनों को खड़ा कर सकें। ऐसे में जिन स्थानों का चयन किया गया वहां पर पार्किग बनायी जानी जरूरी है, ऐसे में जहां पर पालिका की भूमि होगी वह पूरा सहयोग करेंगी। इस मौके पर कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्ट उत्तराखंड मेट्रो रेल बृजेश कुमार मिश्रा ने कहा कि मसूरी के लिए रोपवे का प्रोजेक्ट बनाया जा रहा है जिसके लिए स्थानीय लोगों व विभागों से वार्ता की जा रही है जिसके तहत बैठक की गयी। मसूरी में चार स्थानों पर रोपवे बनाये जाना है, इससे पूर्व स्थानीय लोगों व पुलिस से वार्ता की गयी व उसके बाद प्रोजेक्ट को बोर्ड में रखा गया है l
उन्होंने कहा कि दिल्ली से देहरादून एक्सप्रेस वे बनने व पुरूकुल से मसूरी रोपवे की योजना से मसूरी में भीड़ बढेगी इसे देखते हुए यह प्रोजेट बनाया जा रहा है। इसमें सबसे छोटा रोपवे किंक्रेग से किक चॉकलेट के पास होगा जिससे पर्यटकों को लाभ मिलेगा, साथ ही उक्त क्षेत्र में एकसौ पचास से अधिक होटलों को भी लाभ मिलेगा। बैठक में जो सुझाव आये है उस पर कार्रवाई की जायेगी व इन सुझावों को शामिल कर लगातार बैठकें की जायेगी। सभी कार्य नियम कानूनों के अंतर्गत किए जायेगें। इस मौके पर होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय अग्रवाल, सचिव अजय भार्गव, भाजपा मंडल अध्यक्ष व व्यापार संघ अध्यक्ष रजत अग्रवाल, सीओ मनोज असवाल, मोहन पेटवाल, अरविंद सेमवाल, सतीश ढौडियाल, पालिका सभासद गौरी थपलियाल, रणवीर कंडारी, शिवानी भारती, सहित विद्युत विभाग, जल संस्थान के साथ ही अन्य विभगों के अधिकारी मौजूद रहे।
संपादक: देव उनियाल
