आंदोलनकारी की समस्याओं से करवाया अवगत ,मांगों को लेकर सौंपा ज्ञापन
आंदोलनकारी की समस्याओं से करवाया अवगत ,मांगों को लेकर सौंपा
ज्ञापन
मसूरी।
Devendra uniyal
उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी मंच के तत्वाधान में पिक्चर पैलेस स्थित राधा कृष्ण मंदिर में बैठक का आयोजन किया गया जिसमें उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी सम्मान परिषद के उपाध्यक्ष सुभाष बड़थ्वाल ने प्रतिभा कियाl
गुरुवार को राधाकृष्ण मंदिर में आयोजित उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी मंच की बैठक में आंदोलनकारियों ने छूट चुके आंदोलनकारियों का चिन्हीकरण करने, पेंशन बढाने, क्षैतिज आरक्षण का लाभ आंदोलनकारियों के बच्चों को दिए जाने, स्वास्थ्य सुविधा देने, शहीद स्थल का सौंदर्यीकरण करने व म्युजियम बनाने आदि की मांग का ज्ञापन दियाl
इस मौके पर पूर्व विधायक जोत सिंह गुनसोला, पूर्व पालिकाध्यक्ष मनमोहन सिंह मल्ल, जय प्रकाश उत्तराखंडी, विजय रमोला, प्रदीप भंडारी, शूरवीर भंडारी, कमल भंडारी ने सम्मान परिषद के उपाध्यक्ष के समक्ष विस्तार से समस्याओं को रखा। कहा कि जिन गलत लोगों का चिन्हीकरण हो गया है उस पर कार्यवाही की जाय। बैठक में सबसे अधिक पीड़ा उन महिलाओं के द्वारा रखी गई जिन्होंने आंदोलन में अपनी सक्रिय भूमिका निभाई थी लेकिन आज तक उनका चिन्हीकरण नहीं हो पाया। इस मौके पर उत्तराखंड राज्य सम्मान परिषद के उपाध्यक्ष सुभाष बड़थ्वाल ने कहा कि आंदोलनकारियों ने विस्तार से समस्याओं को रखा है उनमें से कुछ पर पहले से ही कार्य किया जा रहा है।
कहा कि उक्त मांग पत्र को मुख्यमंत्री को सौंप दिया जाएगा जिस पर मुख्यमंत्री बैठक लेंगे व समस्याओं का समाधान करेंगे। वहीं उन्होंने कहा कि दो सितंबर को मसूरी गोलीकांड की बरसी है, उस दिन मुख्यमंत्री मसूरी आयेंगे उस दिन उक्त समस्याओं को उनके समक्ष प्रमुखता से रखा जायेगा।
कहा कि जो आंदोंलनकारी है उनको पेशन में बढ़ोतरी व क्षैतिज आरक्षण का लाभ मिलना
शहीद स्थल पर म्यूजियम बनाने की घोषणा मुख्यमंत्री ने की थी उस पर भी उन्हें अवगत कराया जायेगा।इस मौके पर मंच के अध्यक्ष देवी गोदियाल ने कहा कि मंच की बैठक में आंदेलनकारी परिषद के उपाध्यक्ष सुभाष बड़थ्वाल को बुलाया गया था l
बैठक में आंदोलनकारियों के हक हकूकों को दिलाने की मांग की जिसमें पेंशन बढोत्तरी, चिन्हीकरण, आरक्षण आदि शामिल है। कार्यक्रम का संचालन अनिल गोदियाल ने किया। इस मौके पर मंच के महासचिव पूरण जुयाल, राजेंद्र कंडारी, श्रीपति कंडारी, बिजेंद्र पुडीर, भगवान सिंह रावत, जबर सिंह बर्तवाल, सुरेंद्र डंगवाल, बीना मल्ल, बीना गुनसोला, राजेश्वरी नेगी, प्रभा बर्तवाल, सहित बड़ी संख्या में आंदोलनकारी मौजूद रहे।
संपादक: देव उनियाल
