November 7, 2026

मसूरी में 12 साल बाद पर्यटन कारोबार को लगा झटका, पर्यटकों की संख्या में आई भारी कमी

मसूरी में 12 साल बाद पर्यटन कारोबार को लगा झटका, पर्यटकों की संख्या में आई भारी कमी
मसूरीl
Devendra Uniyal
पहाड़ों की रानी मसूरी में पिछले तीन माह से लगातार हो रही भारी बारिश और प्रदेश के कई हिस्सों में आई आपदा से पर्यटन व्यावसाय पूरी तरह से चौपट हो गया है। जिसका असर होटल व्यवसाईयों ,व्यापारियों, टैक्सी संचालकों, ध्याडी मजदूरी करने वाले मजदूरो व रिक्शा संचालकों की आर्थिकी पर पड़ रहा है। शहर के अधिकांश छोटे-बड़े होटलो में सितंबर माह सुरु होते ही बुकिगो में भारी कमी आनी शुरू हो गई थी और अब अधिकांश होटलों में एक भी कमरे की बुकिंग नहीं है।
2013 में आई आपदा के 12 साल बाद इस बार सितंबर माह में इस तरह के हालात पैदा हुए हैंl
इस बारे में होटल रमाडा के जनरल मैनेजर हर्षमनी सेमवाल ने बताया कि पर्यटकों की संख्या में भारी कमी आ गई हैl
उनके होटल में 73 कमरे हैं, जिनमें से 9 से 10 कमरे ही लगे हैं ,आगे के लिए भी अभी तक कोई बुकिंग नहीं मिलीl
उन्होंने बताया कि पिछले साल सितंबर माह में 70 से 80 फीसदी तक बुकिंग थी लेकिन इस बार सितंबर माह के लिए जो 40 फ़ीसदी तक बुकिंग हुई थी उसमें से लगभग 20 फ़ीसदी बुकिंग पर्यटकों ने कैंसिल करवा दी थी l उन्होंने बताया कि पंजाब सहित अन्य राज्यों से पर्यटक मसूरी आने के लिए कह रहे हैं लेकिन पंजाब सहित अन्य राज्यों में आई आपदा के बाद पर्यटक घर से नहीं निकल पा रहे हैं जबकि पर्यटकों को जानकारी दी जा रही है कि उत्तराखंड सुरक्षित है यहां पर कोई खतरा नहीं है लेकिन पर्यटकों का कहना है कि घर से कैसे निकले यहां तो घर डूब गए हैं बाहर निकलना मुश्किल हो गया हैlये पर्यटकों की संख्या में भारी कमी आने का एक बड़ा कारण माना जा रहा हैl
बताया कि पिछली बार सितंबर माह में 80 फीसदी बुकिंग रहती थी जिससे पूरे सितंबर माह में लगभग एक करोड़ के करीब इनकम हो जाती थी,लेकिन इस बार पूरे सितंबर माह में 30 लाख तक की भी इनकम को खींच पाना मुश्किल हो गया है जिससे सरकार को भी करोड़ रुपए के राजस्व की हानि हुई हैl
बताया कि इस तरह के हालात 2013 की आपदा के 12 साल बाद देखने को मिले l
2013 की आपदा में भी इस तरह का संकट पैदा नहीं हुआ था जो इस बार हो गया हैl होटल में कार्यरत कर्मचारीयो के वेतन देने ,होटल के बिलों का भुगतान करने, बैंक की किस्तों व अन्य टैक्सों क्या भुगतान करना कठिन हो गया हैl
आलम यह है कि अब स्टाफ की सैलरी वह बिलों का भुगतान भी अपने निजी स्रोतों से करना पड़ रहा है l
इस बारे में होटल श्रृंगार के मैनेजर रमेश सेमवाल ने बताया कि सितंबर माह शुरू होते ही बुकिंग आनी बंद हो गई थी 10 से 12 दिनों बाद एक या दो कमरे लग रहे हैं और पिछले दो-तीन दिनों से एक भी कमरे की बुकिंग नहीं है जिससे होटल के स्टाफ का वेतन भी नहीं निकल पा रहा है इसके साथ ही बिजली के बिलों का भुगतान करने व अन्य खर्चो की व्यवस्था करना मुश्किल हो गया है। कहा कि जिस तरह से शहर पूरी तरह से खाली हो गया है उससे 2013 की आपदा जैसा माहौल देखने को मिल रहा है।
मसूरी होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय अग्रवाल ने बताया कि पर्यटकों की संख्या में भारी कमी आ गई है शहर के अधिकांश होटलों में 10 फिसदी तक बुकिंग है और आगे के लिए भी अभी तक कोई बुकिंग नहीं बन रही है। जिसका असर पर्यटन व्यवसाय पर पड़ रहा है।
उन्होंने बताया कि पिछले साल तक 50 से 60 फ़ीसदी तक बुकिंग रहती थी लेकिन इस बार प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में आई आपदा वह लगातार हो रही बारिश के चलते मसूरी में ना के बराबर पर्यटक पहुंच रहे हैं l जिससे होटल व्यवसाययों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा हैl अब चिंता इस बात की है कि स्टाफ की सैलरी, बिजली के बिलों का भुगतान वह अन्य बिलों के भुगतान कहां से करेंl बताया कि मसूरी में कई बड़े होटल है जीनसे
सरकार को करोड़ों का राजस्व प्राप्त होता है लेकिन इस बार सितंबर मा में पर्यटन कारोबार चौपट होने से सरकार को करोड़ों की राजस्व की हानि हुई हैl
वही होटल विष्णु पैलेस के एमडी रामकुमार गोयल ने बताया कि इस बार जुलाई- माह से ही से बुकिंगो में कमी आनी शुरू हो गई थी और अभी होटल में दो-तीन कमरो की ही बुकिंग है, जबकि उनके होटल में 45 कमरे है जिससे होटल में कार्यरत कर्मचारीयों का वेतन देना भी मुश्किल हो गया हैl साथ ही होटल के अन्य खर्चो के बिल, बैंकों की किस्त वह अन्य टैक्सों का भुगतान करने की चिंता बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि 2013 की आपदा के 12 साल बाद इस तरह के हालात इस सितंबर माह में देखने को मिल रहे हैंl
अब उन्होंने अक्टूबर माह में बुकिंगो में बढ़ोतरी होने की उम्मीद जताई हैl

वहीं मजदूर संघ के अध्यक्ष रणजीत चौहान ने बताया कि जिस तरह से मसूरी में पर्यटकों की संख्या में भारी कमी देखने को मिल रही हैl उसका सीधा असर रिक्शा संचालकों की रोजी-रोटी पर पड़ रहा है। दिन भर में रिक्शा संचालकों को एक भी सवारी नहीं मिल पा रही है जिससे घर के खर्चे चलाने, बच्चों की फीस जमा करने का संकट खड़ा हो गया हैl
वही मसूरी में ध्याडी मजदूरी कर अपने परिवार का भरण पोषण कर रहे मजदूर किशन सिंह, रामबहादुर, कृष्ण थापा ने बताया कि मसूरी में पिछले तीन माह से लगातार हो रही बारिश के चलते रोजगार नहीं मिल पा रहा है जिसके चलते एक जून की रोटी का भी गुजारा नहीं हो पा रहा हैl बताया कि पिछले 10 दिनों से कोई भी काम नहीं मिला।
वहीं टैक्सी संचालक सुरेश भट्ट , मुकेश खारोला ने बताया कि लगातार हो रही बारिश के चलते पर्यटकों की संख्या में भारी कमी आने से बुकिंग नहीं मिल पा रही है जिससे टैक्सीयो की बैंक किस्त भरनी भी मुश्किल हो गई है और टैक्सी संचालकों के आगे रोजी-रोटी का संकट भी भी खड़ा हो गया है। उन्होंने सरकार से रोड टैक्स माफ करने की मांग की हैl

वही व्यापार संघ के अध्यक्ष रजत अग्रवाल ने बताया कि लगातार हो रही बारिश वह प्रदेश के कई हिस्सों में आई आपदा से पर्यटकों की संख्या में भारी कमी आ गई है जिससे व्यापार पूरी तरह से प्रभावित हो गया है। दुकानदार सुबह से लेकर शाम तक खाली बैठे हुए हैं।
माल रोड सहित शहर के पर्यटक स्थलों पर पर्यटकों की संख्या में भारी कमी दर्ज की गई है। जिसका असर छोटे वह बड़े व्यापारियों की आर्थिकी पर पड़ रहा है। साथ ही सरकार को भी करोड़ों रुपए की राजस्व की हानि हो रही हैl

वही उपहार रेस्टोरेंट के संचालक नीरज ने बताया की 2013 की आपदा के बाद सितंबर माह में इस तरह के हालात पैदा हो गए हैं कि स्टाफ की सैलरी तक नहीं निकल पा रही है अन्य ख़र्चे
भी अपने निजी स्रोतों से उठाने पड़ रहे हैंl
बताया कि पिछले साल सितंबर माह में कारोबार अच्छा चलता था किसी भी तरह की कोई दिक्कत नहीं होती थी लेकिन इस बार पर्यटकों की संख्या में भारी कमी आने से कारोबार पूरी तरह से चौपट हो गया हैl
बताया कि एक-दो दिन बाद एक दो टेबल लग रही हैं जिससे रेस्टोरेंट का खर्चा चलाना मुश्किल हो गया हैl
साथ ही होटल में भी पिछले एक माह से एक भी कैमरा नहीं लगाl

मसूरी में दिनभर झमाझम बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त, पारा लुढ़का – माल रोड पर पसरा सन्नाटा मसूरीl Devendra Uniyal मसूरी में आज सुबह 8 बजे से शुरू हुई बारिश दिनभर जारी रही, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित रहा। तेज हवाओं के साथ हो रही बारिश के कारण तापमान में भारी गिरावट आ गई और अचानक ठंड बढ़ गई। आज का अधिकतम तापमान 20 और न्यूनतम तापमान 13 डिग्री सेल्सियस रहाl ठंड के चलते स्थानीय लोग और पर्यटक गर्म कपड़ों में नजर आए। लगातार बारिश और सर्द हवाओं के चलते माल रोड सहित पर्यटक स्थलों पर दिनभर सन्नाटा पसरा रहा। घूमने आए अधिकांश पर्यटक होटलों में ही कैद रहने को मजबूर रहे। बारिश से सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों को उठानी पड़ी। सुबह स्कूल जाते समय भीगते हुए बच्चे नजर आए। कई जगहों पर जलभराव के कारण आवाजाही में भी दिक्कत हुई। मसूरी में दिनभर झमाझम बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त, पारा लुढ़का – माल रोड पर पसरा सन्नाटा मसूरीl संवाददाता मसूरी में आज सुबह 8 बजे से शुरू हुई बारिश दिनभर जारी रही, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित रहा। तेज हवाओं के साथ हो रही बारिश के कारण तापमान में भारी गिरावट आ गई और अचानक ठंड बढ़ गई। ठंड बढ़ने से स्थानीय लोग और पर्यटक गर्म कपड़ों में नजर आए। लगातार बारिश और सर्द हवाओं के चलते माल रोड सहित पर्यटक स्थलों पर दिनभर सन्नाटा पसरा रहा। घूमने आए अधिकांश पर्यटक होटलों में ही कैद रहने को मजबूर रहे। बारिश से सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों को उठानी पड़ी। सुबह स्कूल जाते समय भीगते हुए बच्चे नजर आए। कई जगहों पर जलभराव के कारण आवाजाही में भी दिक्कत हुई।

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