लेखक गांव की निदेशक विदुषी निशंक ने माइक्रो साफ्ट के सीईओ को आमंत्रण दिया
लेखक गांव की निदेशक विदुषी निशंक ने माइक्रो साफ्ट के सीईओ को आमंत्रण दिया
मसूरी। devendra uniyalभारत के पहले लेखक गाँव की निदेशक विदुषी निशंक ने माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ सत्य नडेला के साथ एक विस्तृत और सार्थक बातचीत की। वहीं उन्होंने इस मौके पर उन्हें लेखक गांव उत्तराखंड में आयोजित होने वाले आगामी ‘वेद विश्व शांति सम्मेलन’ हेतु औपचारिक आमंत्रण दिया।इस संवाद के दौरान विदुषी निशंक ने पिछले दो वर्षों से लेखक गाँव द्वारा की जा रही साहित्यिक, सांस्कृतिक एवं वैचारिक गतिविधियों की जानकारी साझा की और बताया कि किस प्रकार लेखक गाँव आज वैश्विक स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान बना रहा है। इस अवसर पर विदुषी निशंक ने अपने पिता के योगदान पर विशेष रूप से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि उनके पिता उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं भारत सरकार के पूर्व शिक्षा मंत्री, डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ 120 से अधिक पुस्तकों के लेखक हैं। लेखक गाँव की परिकल्पना और दूरदर्शी सोच भी उन्हीं की देन है। उनके साहित्यिक कृतित्व पर देश-विदेश में शोध हो रहे हैं और अनेक विद्वान उनके कार्यों पर पीएचडी कर रहे हैं। यह संवाद भारतीय साहित्य, संस्कृति और वैश्विक बौद्धिक मंच के बीच एक सशक्त सेतु सिद्ध होगा। उन्होंने यह भी बताया कि वेद विश्व शांति सम्मेलन भारतीय ज्ञान परंपरा, वेद संस्कृति तथा विश्वशांति के संदेश को एक वैश्विक मंच प्रदान करने की एक ऐतिहासिक पहल साबित होगी। इस मौके पर भाजपा उत्तराखंड विधि प्रकोष्ठ के संयोजक आर्यनदेव उनियाल ने कहाकि देवभूमि उत्तराखंड प्रवास के दौरान विश्वप्रसिद्ध तकनीकी कम्पनी माइक्रो सॉफ्ट के सीईओ सत्य नडेला से अत्यंत सौजन्य पूर्ण भेंट का अवसर प्राप्त हुआ। इस अवसर पर उन्हांने बताया कि भारत के पहले लेखक गांव के रूप में उत्तराखंड की यह पहल न केवल संस्कृति और साहित्य का संगम है, बल्कि यह विश्व को भारत के आध्यात्मिक नेतृत्व का परिचायक भी है। यह आमंत्रण राज्य की सृजनशील आत्मा, आध्यात्मिक चेतना और वैश्विक एकता के प्रति हमारी प्रतिबद्धता का प्रतीक है।सोमवार को उन्होंने अपने स्कूल कॉन्वेंट ऑफ़ जीसस एंड मैरी वेवरली विद्यालय का भ्रमण किया था l उन्होंने अपने बचपन में वर्ष 1970-1971 में सी.जे.एम वेवरली विद्यालय में प्राइमरी शिक्षा ग्रहण की की थी l उन्होंने अपने परिवार के साथ आधा घंटा वेवरली स्कूल में बितायाlबता दें कि सत्या नडेला के पिता बीएन युगांधर 1962 बैच के आईएएस अफसर थे। वह लाल बहादुर शास्त्री प्रशासनिक अकादमी में 1988-1993 में निदेशक के पद पर रहे।
संपादक: देव उनियाल

