विंटर कार्निवाल के तीसरे दिन सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम .झुमैलों ग्रुप ने मनमोहक प्रस्तुति देखकर खूब तालियां बटोरी
विंटर कार्निवाल के तीसरे दिन सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम .झुमैलों ग्रुप ने मनमोहक प्रस्तुति देखकर खूब तालियां बटोरी
मसूरी।
गांधी चौक पर लोक गायिका मीरा आर्य गु्रप ने जौनसारी जौनपुरी गीतों व नृत्यों की प्रस्तुति देकर श्रोताओं को थिरकने पर मजबूर किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि इस बार पालिका ने लोकल कलाकारों को मंच प्रदान किया जिसके लिए सभी का आभार व्यक्त करती हूं। जिसके बाद झुमैलों ग्रुप ने भी मनमोहक प्रस्तुति दी जिसमें झुमैलों गु्रप की महिलाओं ने जमकर नृत्य कर दर्शकों का मन मोह लिया। जिसमें प्रमिला नेगी, लक्ष्मी उनियाल, गुडडी देवी विनीता तेलवाल सहित महिलाओं ने प्रस्तुति दी। झुमैलो ग्रुप की अध्यक्ष प्रमिला नेगी ने कहा कि इस बार परेशानियों का सामना करना पड़ा लेकिन आखिर गांधी चौक पर प्रस्तुति दी जिसमें उत्तराखंड की वेशभूषा के साथ कार्यक्रम प्रस्तुत कर रहे हैं। वहीं हिंदी गानों में फ्यूजन बैंड ने अपनी प्रस्तुति देकर पर्यटकों को जमकर नचाया। फ्यूजन बैड के गायक गर्वित ने कहा कि युवाओं नशे के बजाय संगीत से जुडे। इसी के साथ ही पूनम शर्मा गु्रप ने भी प्रस्तुति दी। गढवाल टैरेस पर लोकेंद्र कैतुरा ग्रुप ने गढवाली व जौनपुरी गीतों न नृत्यों की प्रस्तुति दी। अफजल मंगलौरी ने गढवाल टैरेस पर एक शाम शहीदों के नाम से प्रस्तुति दी। लंढौर में दीपक रावत गु्रप ने प्रस्तुति दी।रेशमा, मीना, सौरभ, गजेंद्र, सनी, सुशील के गीतों पर जमकर थिरके स्रोता
िंवटर लाइन कार्निवाल के तहत टाउन हाल में शाम को सबसे पहले अफजल मंगलौरी ने एक शाम मुहब्बत के नाम की प्रस्तुति दी, इस मौके पर रोमांटिक गजलों गीतों व हास्य कविताओं ने दर्शकों को मंत्र मुग्ध कर दिया। जिसमें कवि अशोक पंकज दिल्ली, गार्गी कौशिक गाजियाबाद, अनघड संभली मुरादाबाद, सुलतान जां पूरनपुरी पीलीभीत, अर्शी चौहान मेरठ आदि ने प्रस्तुति दी। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि फिल्म अभिनेत्री इंद्राणी पांधी रही। इसके बाद लोक गायिका रेशमा शाह ने जौनपुरी, जौनसारी गीतों व नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति दी। उन्हांने महासू महाराज की स्तुति के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ किया व उसके बाद जमुना को पाणी, अगलाड की माछी, चांदना की चौकि, देवरणा जातिरा, सहित श्रोताओं की पसंद पर गीत प्रस्तुत कर नृत्य करने पर मजबूर किया। वहीं उसके बाद मीरा राणा ने गुलबंद, सुवा मेरी पहाडो मां, घुट घुट बडोली लागी, रूपैना, छोरी बुर्का, माया लैगी, मेरी बिंदुमती आदि गीत सुनाये व फरमाइश पर भी गीतों की प्रस्तुति दी। सौरभ मैठाणी ने पहाडों कु रैबासी, राजी खुशी, ढिंगतलौ, बाबा भोलेनाथ, ढोल दमौ, मोहनी, बिजुली आदि गीतों सहित फरमाइश पर गीत प्रस्तुत कर श्रोताओं को नृत्य करने पर मजबूर किया। गजेंद्र राणा ने चिट रूमाल, भानुमति, राजुला कुमेनी, बिरमा भाग्यानी, सुर्तु लाला आदि गीतों की प्रस्तुति दी। सनी दयाल ने रेवा छत्रधारी, हरी का नाम, तेरी बंसी, चुमका, जियोरा भेद, जौनसारी हारूल, ओ बेबिये आदि गीतों की प्रस्तुति दी। सुशील चुनियाल ने हिट गंगा बुग्याल, श्याम ने जब पकड़ी है कलाई, ललनवा बिना, चोरी हो गयिल, आदि गीतों की प्रस्तुति देकर श्रोताओं का जमकर मनोरंजन किया।
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संपादक: देव उनियाल
मसूरी।