मसूरी में पहली बार मिक्स मार्शल आर्ट का प्रशिक्षण देने के लिए कार्यशाला का आयोजन
मसूरी में पहली बार मिक्स मार्शल आर्ट का प्रशिक्षण देने के लिए कार्यशाला का आयोजन

मसूरी।
Devendra Uniyal
मसूरी स्पोर्टस एसोसिएशन के सहयोग से गुड़गांव हरियाणा से आये मिक्स मार्शल आर्ट के कोच ने मसूरी के बच्चों के लिए कार्यशाला का आयोजन किया ताकि बच्चे आत्म सुरक्षा के साथ ही अपना मनोबल बढा सकें, स्वस्थ्य रह सके, नेतृत्व क्षमता का विकास हो सके व आत्मविश्वास बढ सके।
एमएमए वर्कशाप में कोच प्रशांत बिष्ट व अभिश्री ने कार्यशाला में आये बच्चों को मिक्स मार्शल आर्ट का प्रशिक्षण दिया व इससे होने वाले लाभ के साथ ही इस आर्ट को आम जन तक पहुंचाने के लिए प्रशिक्षण दिया। इस मौके पर अभिश्री ने बताया कि मसूरी में पहली बार एमएमए का कान्सेप्ट लेकर आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि इसका उददेश्य एक फाइट अपने आप से, अपने शरीर से अपने मस्तिष्क से होती है। इसमें किसी भी आयु वर्ग वाले प्रतिभाग कर सकतें है चाहे बच्चे हो, गृहणी हो या वरिष्ठ नागरिक हो। यह एक ऐसा लाइफ स्टाइल है तो मेंंटली व फिजिकली फिटनेस की ओर ले जाता है। इस मौके पर एमएमए के राष्ट्रीय कोच प्रशांत बिष्ट ने बताया कि इसमें सभी मार्शल आर्ट को मिक्स किया गया है इसमे कोई लिमिटेशन नहीं है कि बॉक्सिग करनी है या किक बॉक्सिग करनी है इसमें जो रूल बने है उसी के हिसाब से प्रशिक्षण लेना होता है जिसमें सिर, स्पाइन पर प्रहार नहीं करना होता। इस कार्यशाला में बॉक्सिगं, किक बॉक्सिंग, व रेसलिंग के बेसिक सिखाये जायेंगे। उन्होंने बताया कि गुड़गांव में एमएमए सिखा रहे है इसमें कोई उम्र का बंधन नहीं है। इस मौके पर मौजूद बालक व बालिकाओं ने वार्मअप होने के बाद एमएमए का प्रशिक्षण लिया। इस मौके पर मसूरी स्पोर्टस एसोसिएशन के अध्यक्ष सूरत सिंह रावत, पूर्व अध्यक्ष सुरेश गोयल, महासचिव सौरभ सोनकर, बिजेंद्र पुंडीर, गंगा सिंघल, प्रताप कंडारी, अधिवक्ता विपिन गुप्ता सहित लोग मौजूद रहे।
एमएमए वर्कशाप में कोच प्रशांत बिष्ट व अभिश्री ने कार्यशाला में आये बच्चों को मिक्स मार्शल आर्ट का प्रशिक्षण दिया व इससे होने वाले लाभ के साथ ही इस आर्ट को आम जन तक पहुंचाने के लिए प्रशिक्षण दिया। इस मौके पर अभिश्री ने बताया कि मसूरी में पहली बार एमएमए का कान्सेप्ट लेकर आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि इसका उददेश्य एक फाइट अपने आप से, अपने शरीर से अपने मस्तिष्क से होती है। इसमें किसी भी आयु वर्ग वाले प्रतिभाग कर सकतें है चाहे बच्चे हो, गृहणी हो या वरिष्ठ नागरिक हो। यह एक ऐसा लाइफ स्टाइल है तो मेंंटली व फिजिकली फिटनेस की ओर ले जाता है। इस मौके पर एमएमए के राष्ट्रीय कोच प्रशांत बिष्ट ने बताया कि इसमें सभी मार्शल आर्ट को मिक्स किया गया है इसमे कोई लिमिटेशन नहीं है कि बॉक्सिग करनी है या किक बॉक्सिग करनी है इसमें जो रूल बने है उसी के हिसाब से प्रशिक्षण लेना होता है जिसमें सिर, स्पाइन पर प्रहार नहीं करना होता। इस कार्यशाला में बॉक्सिगं, किक बॉक्सिंग, व रेसलिंग के बेसिक सिखाये जायेंगे। उन्होंने बताया कि गुड़गांव में एमएमए सिखा रहे है इसमें कोई उम्र का बंधन नहीं है। इस मौके पर मौजूद बालक व बालिकाओं ने वार्मअप होने के बाद एमएमए का प्रशिक्षण लिया। इस मौके पर मसूरी स्पोर्टस एसोसिएशन के अध्यक्ष सूरत सिंह रावत, पूर्व अध्यक्ष सुरेश गोयल, महासचिव सौरभ सोनकर, बिजेंद्र पुंडीर, गंगा सिंघल, प्रताप कंडारी, अधिवक्ता विपिन गुप्ता सहित लोग मौजूद रहे।
संपादक: देव उनियाल
