मसूरी इंटरनेशनल स्कूल का 43वां वार्षिक दिवस धूमधाम से संपन्न .गुरु-शिष्य परंपरा की अनुपम प्रस्तुति ने मोहा मन गुरु दक्षिणा’ नृत्य-नाटिका और ‘ब्रह्मांडीय नाद’ ऑर्केस्ट्रा रहे आकर्षण का केंद्र, छात्राओं की प्रतिभा पर झूमे अभिभावक
मसूरी इंटरनेशनल स्कूल का 43वां वार्षिक दिवस धूमधाम से संपन्न .गुरु-शिष्य परंपरा की अनुपम प्रस्तुति ने मोहा मन
गुरु दक्षिणा’ नृत्य-नाटिका और ‘ब्रह्मांडीय नाद’ ऑर्केस्ट्रा रहे आकर्षण का केंद्र, छात्राओं की प्रतिभा पर झूमे अभिभावक


मसूरीl
मसूरी इंटरनेशनल स्कूल का 43वां वार्षिक दिवस एवं स्थापना दिवस शुक्रवार को भव्य एवं गरिमामय वातावरण में मनाया गया। पूरे दिन विद्यालय परिसर सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और शैक्षणिक गतिविधियों से सराबोर रहा। समारोह में छात्राओं की मनमोहक प्रस्तुतियों ने उपस्थित अभिभावकों और अतिथियों का दिल जीत लिया।
कार्यक्रम की शुरुआत प्रातःकाल वैदिक हवन से हुई, जिसमें विद्यालय की पुरातन छात्राओं, विद्यालय में अध्ययनरत छात्राओं, शिक्षकों एवं अभिभावकों ने विश्व शांति, समृद्धि और मानव कल्याण की कामना की।
सायंकाल मुख्य समारोह का शुभारंभ मुख्य अतिथि प्रख्यात शिक्षाविद् शांतनुप्रकाश एवं उनके पिता जगदीश प्रकाश तथा विशिष्ट अतिथि मोहित ढांग एवं तन्मय वशिष्ठ ने दीप प्रज्वलित कर किया।
इस मौके पर विद्यालय की प्रधानाचार्या शालू बब्बर ने सभी अतिथियों का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। उन्होंने कहा कि वार्षिक दिवस जैसे आयोजन विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास, आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और सांस्कृतिक मूल्यों को सुदृढ़ बनाने का प्रभावी माध्यम हैं।
इस वर्ष के समारोह का मुख्य आकर्षण गुरु-शिष्य परंपरा पर आधारित नृत्य-नाटिका दक्षिणा’ रही। छात्राओं ने एकलव्य और गुरु द्रोणाचार्य के जीवन से जुड़े प्रेरक प्रसंगों का भावपूर्ण मंचन कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। प्रभावशाली अभिनय, मनोहारी नृत्य और सशक्त संवादों ने सभागार में उपस्थित सभी लोगों को भाव-विभोर कर दिया। प्रस्तुति समाप्त होते ही सभागार देर तक तालियों की गड़गड़ाहट से गूंजता रहा।
इसके बाद प्रस्तुत ऑर्केस्ट्रा कार्यक्रम ने भारतीय और पाश्चात्य वाद्ययंत्रों के अद्भुत संगम की झलक प्रस्तुत की। विद्यालय की छात्राओं ने विभिन्न वाद्ययंत्रों का उत्कृष्ट वादन और गुरु वंदना के मंत्रों का सामूहिक गायन कर पूरे वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया।
इस अवसर पर प्रधानाचार्या शालू बब्बर ने सत्र 2025-26 की वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए विद्यालय की शैक्षणिक, खेल, सांस्कृतिक तथा अंतरराष्ट्रीय उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि मसूरी इंटरनेशनल स्कूल अपनी अंतरसांस्कृतिक सोच, नैतिक मूल्यों और विश्वस्तरीय शिक्षा के लिए जाना जाता है।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि शांतनुप्रकाश ने छात्राओं की प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए कहा, “बच्चों ने अपनी प्रतिभा, अनुशासन और भारतीय संस्कृति के प्रति सम्मान का अद्भुत परिचय दिया है।
समारोह के अंत में प्रधानाचार्या श्रीमती शालू बब्बर ने सभी अतिथियों, अभिभावकों, शिक्षकों, कर्मचारियों एवं छात्राओं का आभार व्यक्त किया।