कोदा-झंगोरा भूल गए,काजू किसमिस की संस्कृति प्रदेश में हावी हो गई है तीरथ
कोदा-झंगोरा भूल गए,काजू किसमिस की संस्कृति प्रदेश में हावी हो गई है
तीरथ
मसूरी
Devendra uniyal
शनिवार को नगर पालिका सभागार में आयोजित सम्मान समारोह एवं पुस्तक विमोचन कार्यक्रम में मसूरी पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री सिंह रावत अपने बयान से एक बार फिर सुर्खियों में आ गएl
इस मौके पर तीरथ सिंह रावत ने कहा की जब हम अविभाजित उत्तर प्रदेश का हिस्सा थे तब के उत्तर प्रदेश के सचिवालय और आज के उत्तराखंड सचिवालय में फर्क साफ़ दिखाई दे रहा है जो कार्य लखनऊ में आसानी से हो जाते थे लेकिन वही कार्य आज उत्तराखंड सचिवालय में नहीं हो पा रहे हैं जो की दुर्भाग्यपूर्ण है l उन्होंने कहा कि
क्या इसलिए उत्तराखंड की मूल अवधारणा कोदा-झंगोरा खाएंगे, उत्तराखंड बनाएंगे, लेकिन कोई इस पर बात तक नहीं करताl आज कोदा-झंगोरा के बजाय काजू किशमिश का स्वाद चखा जा रहा हैl
बकौल रावत ने कहा की आखिर किसके लिए उत्तराखंड राज्य बनाया गया यह सोचनीय विषय है l
कहा की जब उत्तराखंड उत्तर प्रदेश का हिस्सा था, तब कहा जाता था कि अफसर यहां से ट्रक भरकर ले जाते हैं, लेकिन अब तो ट्रक भरने वाले भी यहीं के हैं और काजू-बादाम-किशमिश खाने वाले भी यहीं के लोग हैंl
इस पूरी टिप्पणी पर कार्यक्रम में मौजूद सतारूढ़
पार्टी के पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं कार्यक्रम में मौजूद लोग हास्यास्पद रह गएl
उन्होंने कहा कि अभी राज्य में बहुत करना बाकी है, अपनी पहचान बने, हमारी संस्कृति, कानून व्यव्स्था यह भाव था इस दिशा में लगातार आगे बढ रहे हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के प्रति जो दर्द व पीड़ा अधिकारियों में होनी चाहिए वह नजर नहीं आ रही। वह समय पर कार्य नहीं कर रहे। उन्होंने कहाकि नेता, अधिकारी कर्मचारी सभी को उत्तराखंड के विकास के लिए कार्य करने चाहिए, नेता व अधिकारी अच्छे भी है व बुरे भी हैं। उन्होंने हरक सिंह के खनन के बयान पर कहा कि वह कब क्या कह दें सभी जानते हैं, वह कब क्या कह दें कब उसका खंडन कर दें पता नहीं। उन्होंने आगामी 2027 चुनाव के बारे में कहा कि भाजपा हमेशा चुनाव के लिए तैयार रहती है संगठन देश, प्रदेश व समाज हित में कार्य करता रहता है जबकि अन्य पार्टियां केवल चुनाव में आती है, भाजपा कार्यकर्ता आधारित पार्टी है व 27 में फिर सत्ता में आयेगी। धराली सहित राज्य की आपदा पर उन्होंने कहा कि सरकार हर संभव प्रयास कर रही है, जब केदारनाथ की आपदा आयी थी तब कांग्रेस ने क्या किया सभी जानते है तब गुजरात के मुख्यमंत्री रहते नरेंद्र मोदी ने तीन दिन तक उत्तराखंड में रहकर लोगों को बचाने का कार्य किया। आज भी जब भी आपदा आती है वह तत्काल संज्ञान लेते हैं व काम करते हैं।
तीरथ सिंह रावत ने कहा की जब तक सरकार योजनाबद्ध तरीके से काम नहीं करेगी, तब तक जनता का भला नहीं हो सकताl
पूर्व मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने सुझाव दिया कि उत्तराखंड के विकास के लिए नेताओं, अधिकारियों, कलाकारों और समाज के सभी वर्गों को मिलकर काम करना होगा. ईमानदारी और जनसेवा का भाव ही उत्तराखंड को आगे ले जा सकता है. उन्होंने कहा अगर ऐसा नहीं होगा तो आंदोलनकारियों की कुर्बानियां व्यर्थ जाएगीl
संपादक: देव उनियाल
