घर घर से नहीं उठ रहा कूड़ा, पर्यावरण मित्रों ने समस्या का समाधान करने की मांग की
घर घर से नहीं उठ रहा कूड़ा, पर्यावरण मित्रों ने समस्या का समाधान करने की मांग की

मसूरी।
Devendra Uniyal
नगर क्षेत्र में घर घर से कूड़ा उठाने वाली संस्था लार्ड शिवा के पर्यावरण मित्रों ने किंक्रेग पर हंगामा खड़ा कर दिया व घर घर से कूड़ा उठाना बंद कर दिया जिस पर कार्यदायी संस्था ने देहरादून से पर्यावरण मित्र मसूरी लाये जिस पर पूर्व से कार्य कर रहे कर्मचारियों ने हंगामा कर दिया। सूचना मिलने पर पालिकाध्यक्ष मीरा सकलानी मौके पर पहुंची व कर्मचारियों को समझाने का प्रयास किया लेकिन कोई मानने को तैयार नहीं हुआ अंत में तय किया गया कि आगामी मंगल वार को पालिका सभागार में बैठक की जायेगी व समस्या का समाधान निकाला जायेगा।
एक जनवरी से मसूरी में घर घर से कूडा उठाने का कार्य कीन को हटाकर लार्ड शिवा को दिया गया है। जिस पर कूडा उठाने वाले कर्मचारियों ने वेतन में वृद्धि की मांग की लेकिन नई संस्था ने उनका वेतन नहीं बढाया जिस पर सभी कर्मचारियों ने कार्य बंद कर दिया। कार्य बंद करने पर कार्यदायी संस्था ने देहरादून से कर्मचारी हायर किए जिस पर वर्तमान में कार्यरत कर्मचारियों ने उनका विरोध किया व कहा कि ऐसे में मसूरी के लोग कहां जायेगे उनकी रोजी रोटी प्रभावित होगी। सूचना पर पालिकाध्यक्ष मीरा सकलानी मौके पर किंक्रेग पहुंची व कर्मचारियों को समझाने का प्रयास किया लेकिन कोई मानने को तैयार नहीं हुआ। मीरा सकलानी ने कहा कि आगामी मंगलवार 27 जनवरी को पालिका सभागार में बैठक कर समस्या का समाधान निकाला जायेगा। पत्रकारों से बातचीत में पालिकाध्यक्ष मीरा सकलानी ने कहा कि एक जनवरी से नये टेंडर के तहत लार्ड शिवा ने शहर से कूडा निस्तारण का कार्य शुरू किया। पर्यावरण के कुछ मांगे थी जिसमें वेतन अधिक घर से कूडा उठाने आदि की समस्या थी इनसे बात की गयी लेकिन कोई समाधान नहीं निकला, जिस पर आगामी मंगलवार को पालिका सभागार में बैठक होगी जिसमें कार्यदायी संस्था को भी बुलाया जायेगा, व उनकी समस्याओं का समाधान किया जायेगा इस मौके पर पर्यावरण मित्र सुनीता ने कहा कि मसूरी में बाहर के लोग काम करवाने के लिए लाये जा रहे है। उन्होंने कहाकि पूर्व में जो 15 हजार प्रतिमाह करने की घोषणा चुनाव लड़ने के समय पालिका अध्यक्ष मीरा सकलानी के द्वारा की गयी थी , लेकिन अब अब कह रही है कि जिसे कार्य करना है करो जिसे नहीं करना मत करो। संतोष ने कहा कि कार्यदायी संस्था ने कहा कि अधिक घर से कूड़ा उठाना पडेगा लेकिन पहाड़ी क्षेत्र होने पर घर बढाने से कार्य करना संभव नहीं है। जो महिला जहां तैनात है वहीं कार्य करेगी व आठ घंटे कार्य नहीं करेंगे अगर मांग पूरी करते है तो अभी कार्य शुरू कर दिया जायेगा। वहीं चेतावनी दी कि बाहर से किसी भी कर्मचारी को मसूरी नहीं आने दिया जायेगा। मंजु ने कहा कि घोषणा के अनुसार 15 हजार वेतन किया जाय, रविवार की छुटटी की जाय वहीं नयी कार्यदायी संस्था ने अभी तक वेतन भी नहीं दिया। जबकि वह कहते है कि आप नगर पालिका के कर्मचारी नहीं है कार्य करना है तो करो। नरेश कुमार ने कहा कि वह 17 साल ने कार्य कर रहे है, पहले हमें कीन में डाला गया ओर अब नयी कार्यदायी संस्था आयी है जो बाहर से आदमी लेकर आये जिन्हें वापस भेज दिया गया है। उन्होंने कहा कि वेतन 15 हजार किया जाय व फंड तीन हजार हमारा कट रहा है कंपनी कुछ नहीं दे रही। चेयरमैन आयी थी हमने उनकी बात नहीं मानी व कार्य नहीं करेंगे अगर लिखित में देते हैं तो कार्य किया जायेगा। उन्होंने कहा कि नगर पालिका को सफाई में नंबर वन का दर्जा हमारे कारण मिलता है लेकिन पालिका अध्यक्ष हमारी मांगों को मानने के लिए तैयार नहीं है अगर मांगे नहीं मानेंगे तो आंदोलन किया जाएगा वह कार्य बहिष्कार किया जाएगा l
एक जनवरी से मसूरी में घर घर से कूडा उठाने का कार्य कीन को हटाकर लार्ड शिवा को दिया गया है। जिस पर कूडा उठाने वाले कर्मचारियों ने वेतन में वृद्धि की मांग की लेकिन नई संस्था ने उनका वेतन नहीं बढाया जिस पर सभी कर्मचारियों ने कार्य बंद कर दिया। कार्य बंद करने पर कार्यदायी संस्था ने देहरादून से कर्मचारी हायर किए जिस पर वर्तमान में कार्यरत कर्मचारियों ने उनका विरोध किया व कहा कि ऐसे में मसूरी के लोग कहां जायेगे उनकी रोजी रोटी प्रभावित होगी। सूचना पर पालिकाध्यक्ष मीरा सकलानी मौके पर किंक्रेग पहुंची व कर्मचारियों को समझाने का प्रयास किया लेकिन कोई मानने को तैयार नहीं हुआ। मीरा सकलानी ने कहा कि आगामी मंगलवार 27 जनवरी को पालिका सभागार में बैठक कर समस्या का समाधान निकाला जायेगा। पत्रकारों से बातचीत में पालिकाध्यक्ष मीरा सकलानी ने कहा कि एक जनवरी से नये टेंडर के तहत लार्ड शिवा ने शहर से कूडा निस्तारण का कार्य शुरू किया। पर्यावरण के कुछ मांगे थी जिसमें वेतन अधिक घर से कूडा उठाने आदि की समस्या थी इनसे बात की गयी लेकिन कोई समाधान नहीं निकला, जिस पर आगामी मंगलवार को पालिका सभागार में बैठक होगी जिसमें कार्यदायी संस्था को भी बुलाया जायेगा, व उनकी समस्याओं का समाधान किया जायेगा इस मौके पर पर्यावरण मित्र सुनीता ने कहा कि मसूरी में बाहर के लोग काम करवाने के लिए लाये जा रहे है। उन्होंने कहाकि पूर्व में जो 15 हजार प्रतिमाह करने की घोषणा चुनाव लड़ने के समय पालिका अध्यक्ष मीरा सकलानी के द्वारा की गयी थी , लेकिन अब अब कह रही है कि जिसे कार्य करना है करो जिसे नहीं करना मत करो। संतोष ने कहा कि कार्यदायी संस्था ने कहा कि अधिक घर से कूड़ा उठाना पडेगा लेकिन पहाड़ी क्षेत्र होने पर घर बढाने से कार्य करना संभव नहीं है। जो महिला जहां तैनात है वहीं कार्य करेगी व आठ घंटे कार्य नहीं करेंगे अगर मांग पूरी करते है तो अभी कार्य शुरू कर दिया जायेगा। वहीं चेतावनी दी कि बाहर से किसी भी कर्मचारी को मसूरी नहीं आने दिया जायेगा। मंजु ने कहा कि घोषणा के अनुसार 15 हजार वेतन किया जाय, रविवार की छुटटी की जाय वहीं नयी कार्यदायी संस्था ने अभी तक वेतन भी नहीं दिया। जबकि वह कहते है कि आप नगर पालिका के कर्मचारी नहीं है कार्य करना है तो करो। नरेश कुमार ने कहा कि वह 17 साल ने कार्य कर रहे है, पहले हमें कीन में डाला गया ओर अब नयी कार्यदायी संस्था आयी है जो बाहर से आदमी लेकर आये जिन्हें वापस भेज दिया गया है। उन्होंने कहा कि वेतन 15 हजार किया जाय व फंड तीन हजार हमारा कट रहा है कंपनी कुछ नहीं दे रही। चेयरमैन आयी थी हमने उनकी बात नहीं मानी व कार्य नहीं करेंगे अगर लिखित में देते हैं तो कार्य किया जायेगा। उन्होंने कहा कि नगर पालिका को सफाई में नंबर वन का दर्जा हमारे कारण मिलता है लेकिन पालिका अध्यक्ष हमारी मांगों को मानने के लिए तैयार नहीं है अगर मांगे नहीं मानेंगे तो आंदोलन किया जाएगा वह कार्य बहिष्कार किया जाएगा l
वहीं रविवार को शहर में जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हुए मिले जबकि मसूरी दो दिनों के लिए पैक है जगह-जगह फैली गंदगी से शहर की सफाई व्यवस्था की पोल खुल रही है वह पर्यटक भी यहां से अच्छा संदेश लेकर नहीं जा रहे हैंl
संपादक: देव उनियाल
