September 19, 2026

भारी पुलिस बल की मौजूदगी में मैसानिक लॉज में 77 अवैध कब्जों को एमडीडीए ने सील किया

भारी पुलिस बल की मौजूदगी में मैसानिक लॉज में 77 अवैध कब्जों को एमडीडीए ने सील किया

मसूरी।
Devendra Uniyal
नगर पालिका परिषद के मैसानिक लॉज स्थित बस स्टैण्ड चौड़ीकरण के नीचे बनाये गये अवैध 80 आवासों में से 77 आवास भारी पुलिस बल, प्रशासन, एमडीडीए व पालिका के संयुक्त प्रयासों से सील कर दिये गये। बाकी तीन आवास में रहने वाले परिवारों को दो दिन का समय दिया गया कि वे अपनी व्यवस्था कर ले वरना उन्हें बलपूर्वक खाली करवाया जायेगा। सीलिंग के दौरान एक महिला ने अधिकारियों से जमकर बहस की व बताया कि उनके पास कोई व्यवस्था नहीं है जिसके बाद उन्हें व दो अन्य को दो दिन का समय दिया गया।
वही वहां रह रहे लोगों ने आरोप लगाया कि अगर कमरा सील ही करने थे या कब्जा ही हटवाना था तो 3 साल पहले mdda  नगर पालिका कहां थी जब लोगों ने वहां पर रहना शुरू किया था अब यहां बेवजह लोगों को परेशान किया जा रहा हैl
नगर पालिका परिषद की गत बोर्ड ने मैसानिक लॉज बस स्टैण्ड का चौड़ीकरण किया, लेकिन उसके नीचे अवैध अस्सी कमरे बना दिए थे जिस पर एमडीडीए ने दो वर्ष पूर्व सील कर दिए थे लेकिन उसके बाद लोगों ने सील तोड़कर उन कमरों पर कब्जे कर लिए। जिस पर हाई कोर्ट में पीआईएल डाली गयी व हाई कोर्ट के आदेश पर इन सभी अस्सी कमरों को सील करने के निर्देश दिए गये जिस पर प्रशासन, पुलिस ने कुछ दिन पूर्व भी प्रयास किया लेकिन लोगों ने समय मांगा था उसकी समयसीमा पूरी होने पर आज भारी पुलिस, पीएसी व महिला पुलिस की मौजूदगी में नायब तहसीलदार, कोतवाल, एमडीडीए व पालिका के अधिकारियों 77 कमरे सील कर दिये व तीन कमरे मानवीय आधार पर दो दिन का समय मांगने पर खाली नहीं कराये गये उन्हें एक एक कमरा दिया गया है व बाकी उनके कब्जे के अन्य कमरे भी सील कर दिए गये है। इस मौके पर कार्रवाई  मजिस्टेªट व मसूरी एसडीएम राहुल आनंद ने कहा कि 77 कमरे सील कर दिए गये तीन छोडे गये है उन्हें मानवीय आधार पर दो दिन का समय दिया गया। उन्होंने बताया कि हाई कोर्ट के निर्देशों के कम्र मे किए गये जिसके स्पष्ट निर्देश थे कि भवन में किसी को न कमरे आवंटित किए जायं न ही इसमें किसी का कब्जा होने दिया जाय उसकी क्रम में सीलिंग की कार्रवाई की गयी। उन्होेंने कहा कि एक परिवार ने जो कहा वह स्वतंत्र है कहने के लिए लेकिन दो दिन बाद उसे बलपूर्वक सील कर दिया जायेगा। आगे प्राधिकरण शपथ पत्र दाखिल करेगा उसके बाद जो भी उच्च न्यायालय निर्देश देगा उसका पालन किया जायेगा। उन्होंने कहा कि इसमें गरीब अमीर कुछ नहीं होता कानून का पालन कराया जायेगा, उन्होंने कहा कि पूर्व में भी इन कब्जाधारियों को गत 24 जून को भी अवगत कराया गया था, उसके बाद यह कार्रवाई की गयी जो शांति पूर्ण ढंग से पूरी की गयी। इस मौके पर एमडीडीए के सहायक अभियंता अजय मलिक ने कहा कि यह पुराना मामला है यह भवन पालिका ने अवैध रूप से बनाया गया जिसमें पार्किग बनायी जानी थी लेकिन भवन बना दिए व उस पर लोगों ने कब्जा कर दिया न ही पालिका ने किसी को आवंटित किया जिस पर हाई कोर्ट में पीआईएल डाली गयी जिसके क्रम में यह कार्रवाई की गयी जिसमें लोगों ने सील भवनों को तोड कर कब्जा किया था, 77 भवनों को सील किया गया तीन को दो दिन का समय दिया है। प्राधिकरण की ओर से ध्वस्तीकरण या सीलिंग की कार्रवाई होती है लेकिन यह पालिका की संपत्ति है जिसमें करीब साढे सात करोड़ लगा है इसको सील किया गया ताकि भवन का उपयोग न हो अगर ध्वस्तीकरण किया गया तो नुकसान होगा यह जनता का पैसा है आगे जो भी उच्च न्यायालय निर्देश देगा उसके अनुसार आगे कार्रवाई की जायेगी। इस संबंध में नगर पालिका अधिशासी अधिकारी गौरव भसीन ने कहा कि मैसानिक लॉज में नया भवन बनाया गया था व 2023 में हाई कोर्ट में रिट डाली गयी थी जिसमें न्यायालय ने आदेश दिए थे कि किसी को आंवटित न किए जाये न हीं कब्जा करने दिया जाय। गत वर्ष उच्च न्यायालय ने दुबारा केस का संज्ञान लेने पर पालिका, एमडीडीए व प्रशासन से जबाब मांगा गया। उच्च न्यायालय ने ध्वस्तीकरण के निर्देश नहीं दिए यह राजकीय संपत्ति में जिसमें पालिका का पैसा लगा है जिस पर सीलिंग करने के निर्देश दिए गये, आगे की कार्रवाई न्यायालय के निर्देश पर की जायेगी, करीब दस से पंद्रह में निवासरत परिवार थे बाकी पर लोगों ने ताला लगा कर कब्जा कर रखा था गत 24 जून को भी सीलिंग के लिए टीम आयी थी तब समय मांगा गया था समयावधि पूरी होने पर आज सीलिंग की कार्रवई की गयी। इस मौके पर नायब तहसीलदार उपेंद्र राणा, कोतवाल देवेंद्र चौहान, सभासद रूचिका गुप्ता, अमित भटट, सचिन गुहेर, शहर कांग्रेस अध्यक्ष अमित गुप्ता, गौरव गुप्ता, सहित भारी पुलिस बल मौजूद रहा।